उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित गोमुख मार्ग को गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन की ओर से बंद कर दिया गया है। इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार कनखू बैरियर पर नोटिस बोर्ड लगाकर गोमुख मार्ग के बंद होने की जानकारी दी गयी है। नोटिस में बताया गया है कि गोमुख मार्ग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है, इस वजह से उस पर आवाजाही को बंद कर दिया गया है।
हालांकि पार्क के इस फैसले से गंगोत्री धाम के व्यापारियों में खासी नाराजगी देखी जा रही है। तीर्थ स्थल गोमुख तक जाने वाले मार्ग के अचानक बंद होने से सावन के महीने में वहां से पवित्र गंगा जल भरने जाने वाले कांवड़ियों और भक्तों में भी निराशा देखी जा सकती है।

बता दें, सावन के महीने में महादेव का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त और कांवड़िये गोमुख से पवित्र गंगाजल लेने के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि भारी बारिश की वजह से गोमुख तक का रास्ता बुरी तरह से क्षतिग्रस्त जरूर हो गया है लेकिन ऐसा कभी भी नहीं हुआ है कि कांवड़ यात्रा के समय गोमुख तक का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया हो।
उन्होंने गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। उनका आरोप है कि पार्क प्रशासन ने ही रास्तों की मरम्मत में काफी देर की, जिस वजह से अभी रास्ते को बंद कर देना पड़ा है।
बता दें, हाल ही में तेज बारिश के बाद अचानक से नेशनल पार्क के देवगढ़, चिड़बासा और भोजगड्डी में पानी का स्तर बढ़ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि इसमें दिल्ली से आए दो कांवड़ियां भी बह गये। हालांकि राज्य के डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पानी की तेज धारा में फंसे 38 अन्य लोगों को बाहर निकाला।
गंगोत्री नेशनल पार्क के डेप्यूटि डाइरेक्टर आरएन पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही गोमुख मार्ग को बंद रखने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि चिड़बासा में मरम्मत कार्य प्रगति पर है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक पानी का स्तर घट नहीं जाता, तब तक निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है।
इस समय पार्क व गोमुख आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना ही पार्क की प्राथमिकता है। भविष्य में किसी भी तीर्थ यात्री या कांवड़िया किसी हादसे का शिकार न हो जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए ही गोमुख मार्ग को फिलहाल बंद करने का फैसला लिया गया है। हालांकि मार्ग को बंद करने का फैसला अस्थायी है। परिस्थिति के अनुकूल होते ही, गोमुख मार्ग को फिर से खोल दिया जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
















