गोवा का नाम लेते ही शाम को ढलते सूरज की सुनहरी रोशनी, समुद्रतट पर पार्टी करते या फिर किसी कैफे में चल रहे लाइव म्यूजिक की धून पर थिरकते युवाओं की टोली या फिर समुद्रतट पर हाथों में चुड़ा पहने मॉडर्न परिधान में अपने पार्टनर के हाथों में हाथ डालकर घूमती हनीमून पर आयी कोई नवविवाहिता ही हर किसी को याद आती है। लेकिन गोवा का एक पहलू इसके रोमांचक ट्रेकिंग लोकेशन भी होते हैं।
इनमें से ही सबसे ऊपर आता है दूधसागर वाटरफॉल का, जो दक्षिण गोवा में कर्नाटक की सीमा से सटा है। लगभग 310 मीटर की ऊंचाई से जब साफ पानी नीचे गिरता है तो झाग की वजह से वह दूध जैसा सफेद दिखाई देने लगता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है कि हरियाली से भरे पहाड़ों पर से दूध का झरना ही बह रहा है। इसीलिए तो इसे दूधसागर वाटरफॉल कहा जाता है।
दूधसागर वाटरफॉल तक पहुंचने के लिए करीब 11 किमी रास्ता जंगल के अंदर से होकर जाता है। हालांकि यह सफर किसी जंगल सफारी से कम नहीं लगता जिसमें ऊंची-नीची पथरीली जमीन से लेकर घने जंगल के नजारे तक एंजॉय करने का मौका मिलता है। लेकिन हर साल मानसून के सीजन में दूधसागर वाटरफॉल तक जीप की सेवा को बंद कर दिया जाता है, जो मानसून खत्म होने के बाद फिर से खुलती है। इस साल सोमवार यानी 21 अक्तूबर से नये टूरिस्ट सीजन के लिए गोवा के दूधसागर वाटरफॉल तक जीप की सेवा को फिर से शुरू करने की घोषणा की गयी थी, जो शुरू नहीं हो सकी।
क्यों नहीं शुरू हुई जीप सेवा?
दूधसागर वाटरफॉल तक जाने के लिए जो जीप सेवा मिलती है, उसके लिए पर्यटकों को कुलेम में जंगल की सीमा पर पहुंचना पड़ता है। वहां से टूर ऑपरेटर्स के काउंटर से टिकट खरीदकर वाटरफॉल तक जाने के लिए जीप की बुकिंग की जाती है।
लेकिन इस साल अगस्त में गोवा टूरिज्म विकास प्राधिकरण (GTDC) ने दूधसागर वाटरफॉल की जीप बुकिंग के लिए नये काउंटर और गोवा वन्य विकास कॉर्पोरेशन (GFDC) ने ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइट को लॉन्च किया। इसका ही विरोध टूर ऑपरेटर्स कर रहे हैं, जिस वजह से सरकारी आदेश होने के बावजूद अभी तक जीप सेवाओं को शुरू नहीं किया गया है।
क्या है टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन की मांग?
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन की मांग है कि GTDC काउंटर को बंद कर दिया जाए। वहीं दूधसागर वाटरफॉल के लिए ऑनलाइन बुकिंग सिर्फ टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के माध्यम से ही की जाएगी।
टूर ऑपरेटर्स का दावा है कि GTDC दूधसागर वाटरफॉल तक ले जाने के लिए काफी ज्यादा शुल्क वसूल रहा है। इस वजह से पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसलिए बेहतर होगा कि GTDC के टिकट काउंटर को हटाकर पहले की तरह ही जीप ऑपरेटर्स एसोसिएशन का काउंटर से ही बुकिंग की जाएगी।
बता दें, दुधसागर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने हाल ही में पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवायी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बिना उन्हें बताए ही GTDC को बुकिंग से संबंधित सभी अधिकार सौंप दिये गये हैं। एसोसिएशन के सदस्य GTDC के चेयरमैन और स्थानीय विधायक गणेश गांवकर से भी मिले।
ऐसी स्थिति में कब से दूधसागर वाटरफॉल के लिए जीप सेवाओं को फिर से शुरू किया जाएगा, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि जीप ऑपरेटर्स एसोसिएशन के सदस्यों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत इस बारे में कोई न कोई सकरात्मक कदम जरूर उठाएंगे।



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