पिछले कुछ दिनों से गुजरात में हो रही लगातार बारिश की वजह से गुजरात के डांग जिले में अंबिका और कावेरी नदियां उफान पर है। इस बीच वासंदा के वांगन झरने में अचानक आयी बाढ़ की वजह से फंस गये लगभग 1200 पर्यटकों ने प्रशासन को गहरी में डाल दिया था।
हालांकि बाद में नवसारी पुलिस ने कई घंटे के ऑपरेशन के बाद सभी पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया है। बताया जाता है कि पिछले 24 घंटों में 142 तालुकाओं में भारी से अतिभारी बारिश हुई है।

इस बारे में नवसारी के SP सुशील अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि नवसारी में वाटर फॉल पर लगभग 1200 पर्यटक घूमने गये थे। उसी समय अचानक भारी बारिश होने लगी, जिसमें सभी पर्यटक फंस गये। जैसे ही पर्यटकों के फंसने की जानकारी नवसारी पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, तुरंत मौके पर स्थानीय पुलिस पहुंच गयी। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से वहां फंसे सभी पर्यटकों को बचा लिया गया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान 100 चारपहिया और 120 दो पहिया वाहन, बच्चे और कई वरिष्ठ नागरिकों को भी बचाया गया है। अग्रवाल ने सभी पर्यटकों से अनुरोध किया है कि जब भी वे मानसून के समय किसी वाटरफॉल पर घूमने जा रहे हों, तो सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने यह भी सलाह देते हुए कहा कि अगर कोई अवांछनीय घटना घट जाती है तो तुरंत स्थानीय पुलिस को इस बारे में सूचित करें।
बता दें, बीती रात भर हुई मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य के वापी और वलसाड में भयंकर जलभराव की स्थिति पैदा हो गयी है। इस वजह से आम जनजीवन भी काफी अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक राज्य के बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, साबरकांठा, अरावली, महिसागर, छोटा उदयपुर, नर्मदा, भरूच, डांग, तापी और कच्छ जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

नवसारी जिले में भी शुक्रवार की रात को हुई भारी बारिश की वजह से सभी रोड जलमग्न हो गये हैं। गुजरात के 48 जलाशय अब अपनी पूरी क्षमता पर पहुंच चुके हैं। इनमें से 9 जलाशय तो 90-100 प्रतिशत की क्षमता पर पहुंच चुके हैं।



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