हर धर्म की अपनी अलग-अलग मान्यताएं होती हैं और उनसे जुड़ा धार्मिक स्थल भी होता है, जिसकी यात्रा पर दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोग जाते हैं। इस्लाम धर्म को मानने वालों के लिए मक्का मदीना एक बेहद पवित्र स्थान है, जिसकी यात्रा पर भारत समेत दुनिया के तमाम देशों से इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग पहुंचते हैं। कहा जाता है कि इस्लाम धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार हज की यात्रा पर जाना अनिवार्य होता है।
भारत से हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को एक पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, तब जाकर उन्हें इस यात्रा पर जाने की अनुमति मिलती है।

कब से शुरू होगी हज यात्रा
साल 2025 में हज यात्रा 29 अप्रैल से 30 मई के बीच होनी निर्धारित की गयी है। मिली जानकारी के अनुसार इस बाबत नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के काफी दिनों बाद हज यात्रा शुरू होने का एक बड़ा फायदा यह भी होता है कि लोगों को यात्रा के लिए आवश्यक रुपए जुटाने का वक्त मिल जाता है। लेकिन उससे पहले हज यात्रा का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है। रजिस्ट्रेशन की तारीख का भी ऐलान हज यात्रा करवाने वाली कमेटी ने कर दिया है। रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन ऑनलाइन ही किया जाता है।

कब तक कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन?
भारत में हज यात्रा Haj Committee of India की ओर से करवाया जाता है, जो भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अधीन आता है। हज कमेटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार साल 2025 में हज पर जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जो भी व्यक्ति अगले साल हज पर जाना चाहते हैं, वे 13 अगस्त से 9 सितंबर 2024 के बीच ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें हज कमेटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
क्या-क्या हैं जरूरी कागजात?
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक की फोटो कॉपी
- ब्लड ग्रुप रिपोर्ट
- कोविड-19 वैक्सीन का सर्टिफिकेट
- पासपोर्ट
- पासपोर्ट की वैधता 15 जनवरी 2026 तक होनी चाहिए।

कौन नहीं करवा सकते रजिस्ट्रेशन?
हर साल केंद्रीय हज कमेटी लाखों की संख्या में हज यात्रियों को हज पर मक्का पहुंचाने का इंतजाम करती हैं, जिसमें युवाओं के साथ-साथ वृद्ध भी शामिल होते हैं। इसके लिए कई नियम तय होते हैं, जिसका पालन करना अनिवार्य होता है। यह नियम हज यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही बनाए जाते हैं। पिछले साल तक 70 साल या उससे अधिक उम्र के वृद्धों को अकेले हज यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं थी।
उन्हें अपने साथ किसी सहयोगी को लेना अनिवार्य था। इस साल 65 साल या उससे अधिक उम्र के वृद्धों को अपने साथ सहयोगियों को ले जाना अनिवार्य किया गया है। यानी बिना सहयोगी के 65 साल से अधिक आयु के वृद्ध हज यात्रा के लिए न तो रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और न ही उन्हें यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाएगी।



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