लद्दाख का फेमस हेमिस फेस्टिवल दो दिनों के लिए मनाया जाता है। इस साल यह फेस्टिवल 28 और 29 जून को मनाया जाएगा। यह फेस्टिवल तिब्बत कैलेंडर से-चु के अनुसार हर चंद्र मास के 10वें दिन मनाया जाता है। लद्दाख के हेमिस मठ में यह फेस्टिवल काफी उत्साह से मनाया जाता है।

हेमिस फेस्टिवल भारतीय बौद्ध संत गुरु पद्मसंभव की जयंती पर मनाया जाता है। इस मौके पर हेमिस मठ को बेहद सुन्दर सजाया जाता है। सभी बौद्ध भिक्षु मठ के प्रांगण में जमा होते हैं। इस फेस्टिवल में बौद्ध भिक्षु और लामा आकर्षक मुखौटा लगा कर चाम नृत्य करते हैं। कई बार दर्शकों के मनोरंजन के लिए नाटकों का आयोजन भी किया जाता है। इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण भिक्षुओं और लामाओं द्वारा लगाए गए अनोखे मुखौटे और रंग-बिरंगी पोशाकें होती हैं।

खास बात यह है कि हर एक मुखौटे का एक विशेष महत्व होता है। यह फेस्टिवल लद्दाख जाने वाले पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय होता है। भारतीय बौद्ध संत गुरु पद्मसंभव की जयंति को चिन्हित करता है। दो दिनों तक मनाये जाने वाले इस फेस्टिवल के दोनों दिन विशाल थांगका (बौद्ध चित्र) फहराए जाते हैं। यह इस फेस्टिवल की मुख्य विशेषताओं में से एक है।



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