इंदौर वालों के लिए बड़ी खुशखबरी। अब जल्द ही इंदौर की सड़कों पर फर्राटे से दौड़ना शुरू करेंगी डबल डेकर (Double Decker) बस। ऐसा इंदौर में पहली बार होने वाला है। ये बसें पर्यटन या किसी खास वजह से नहीं बल्कि इंदौर में रोजमर्रा की आवाजाही करने वाले यात्रियों के लिए शुरू की जाने वाली है।
इन बसों को शुरू करने की पहल इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव की तरफ से की गयी थी। इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब किसी टायर-टू शहर में डबल-डेकर बस सेवाओं को शुरू किया जाएगा।
पिछले दिनों इंदौर में डबल-डेकर बसें पहुंची जिसकी जानकारी इंदौर नगर निकाय की तरफ से आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट कर दी गयी। इस पोस्ट में बताया गया है कि डबल डेकर बसों को लेकर शहर वासियों का इंतजार खत्म होने वाला है। बस इंदौर पहुंच गयी हैं। साथ में यह भी बताया गया है कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव के प्रयासों से इंदौर के इतिहास में पहली बार शहर की सड़कों पर डबल डेकर बस दौड़ेंगी।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के इन बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड की ओर किया जाएगा। इस बसों को इंदौर में आधिकारिक रूप से लॉन्च करने से पहले ट्रायल रन किया जा रहा है, ताकि इनके लिए रूट से लेकर किराए का निर्धारण करने में सुविधा हो। इस पहल के बारे में बात करते हुए मेयर भार्गव ने मीडिया को बताया कि इंदौर पहला टायर-2 शहर है, जहां डबल डेकर बस सेवाओं को शुरू किया जा रहा है। यह न सिर्फ शहरीकरण के तौर पर इंदौर के विकास को दर्शाता है बल्कि आम जनता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी जाहिर करता है।
क्या होगी डबल-डेकर बसों की खासियतें?
इंदौर में जिन डबल डेकर बसों का संचालन किया जाएगा, उनकी कुछ विशेषताएं निम्न हैं -
- ये बसें लगभग 9 मीटर लंबी और 15 फीट ऊंची होगी।
- डबल डेकर बसों में एक बार में 60 यात्री सवार हो सकेंगे।
- इन बसों का संचालन शुरू होने से न सिर्फ पर्यटकों को बल्कि स्थानीय लोगों को भी काफी ज्यादा सुविधा होगी।
- इन बसों का ऊपरी डेक एक विंटेज लुक देता है, जो शहर को एक नये नजरिए से दिखाएगा।
- डबल डेकर बसों का निर्माण करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से की गयी है।
- सभी बसें पूरी तरह एसी और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।
- ये डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें डबल चार्जर सिस्टम से लैस हैं। सिंगल चार्ज वाली बसों की तुलना में ये बसे दोगुनी तेजी से चार्ज होंगी।
- एक बार चार्ज करने पर ये बसें करीब 250 किमी का सफर तय कर सकेंगी।
- बसों में एसी के साथ-साथ जीपीएस, मोबाइल चार्जिंग प्वाएंट, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरा, ऑनबोर्ड यूनिट जैसी अन्य सुविधाएं भी होंगी।
बता दें, रविवार को नगर प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव की उपस्थिति में शुरू हुआ। इन बसों का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लेने के बाद इनका रूट निर्धारण किया जाएगा, जिसके बाद ही यह भी बताया जा सकेगा कि इन बसों की सवारी के लिए यात्रियों को कितना किराया चुकाना पड़ेगा। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल इन बसों का राजीव गांधी डिपो के अंदर ही चार्जिंग, कैपेसिटी और अन्य सभी प्रमुख बिन्दुओं का ट्रायल किया जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications
















