30 देशों से भारत आए ट्रायथलीट गोवा में इकट्ठा होने वाले हैं, क्योंकि वे 8 अक्टूबर को यहां आयोजित होने वाले ट्रायथलॉन में हिस्सा लेंगे। गोवा में ट्रायथलॉन का भारत में तीसरे संस्करण का आयोजन किया जाने वाला है जिसमें लगभग 1200 ट्रायथलीट हिस्सा लेने वाले हैं। माना जाता है कि यह दुनिया की सबसे मुश्किल प्रतियोगिता है, जिसे एक दिन में पूरा किया जाता है। इस ट्रायथलॉन की वजह से गोवा में यातायात को भी नियंत्रित किया जाने वाला है।

क्यों कहा जाता है इसे सबसे मुश्किल प्रतियोगिता
आयरनमैन 70.3 रेस 140.6 मील के क्षेत्र में आयोजित होता है। इसकी शुरुआत मीरामार बीच पर 1.9 किमी तैराकी के साथ होगी। इसके बाद 90 किमी बाइक राइड और गोवा की राजधानी पणजी में 21.1 किमी की दौड़ के साथ यह प्रतियोगिता पूरी होगी। पूरे रास्ते को दौरान कुछ-कुछ जगहों पर बाइक मेकैनिक को तैनात तो किया जाता है ताकि आपातकाल की स्थिति में वे मदद कर सकें। लेकिन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतियोगी छोटी-मोटी समस्याओं जैसे टायर से हवा निकल जाना आदि परेशानियों के लिए अपनी बाइक्स की जिम्मेदारी खुद उठाते हैं।

इस रेस के सफल आयोजन के लिए करीब 21 टन बर्फ और 23,000 लीटर पानी की जरूरत होगी, ताकि रेस के दौरान प्रतियोगियों को हाईड्रेशन के लिए दी जा सकें।
कौन-कौन हो रहे हैं शामिल
आयरमैन 70.3 प्रतियोगिता सिर्फ प्रोफेशनल्स के लिए ही नहीं बल्कि बल्कि इसमें आर्म्ड फोर्स, सीईओ, सीएफओ और 18 वर्षीय युवा भी हिस्सा लेते हैं। इस साल पिछले सालों के मुकाबले इस प्रतियोगिता में महिलाओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है। आयरनमैन 70.3 ट्रायथलॉन में हिस्सा लेने वाले 1,200 ट्रायथलीट में से 200 महिलाएं ही हैं। इसके अलावा पुरुषों की श्रेणी के एक पूर्व विजेता विश्वर्जीत सइखोम भी हिस्सा ले रहे हैं। सबसे अधिक संख्या महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक से आने वाले प्रतियोगियों की है। बता दें, आयरनमैन 70.3 में हिस्सा लेने वाले सबसे उम्रदराज प्रतियोगी का रिकॉर्ड पुरुषों में मुंबई के एरिस खरस (70 साल) और महिलाओं में परवीन बाटलीवाला (66 साल) के नाम पर है।

कैसे करवायी जा रही है तैयारी
ट्रायथलॉन में हिस्सा लेने वाले प्रतियोगियों की तैयारी करवाने के लिए योस्का के सीईओ और आयरनमैन के भारत फ्रेंचाइजी के ओनर दीपक राज ने खास तौर पर 2 और 3 टायर शहरों के लिए एक ऐप-आधारित ट्रेनिंग मॉडल तैयार करवाया है। रेस की तैयारी के लिए एथलीट्स को रेस से एक दिन पहले कार्बोहाइड्रेड युक्त खाना खाने की सलाह दी गयी है ताकि एनर्जी में कोई कमी ना हो। इसके साथ हाईड्रेशन को बनाए रखने के लिए नमक और एलेक्ट्रोलाइट पर भी ध्यान देने के लिए कहा गया है। रेस खत्म होने के बाद ऐसा खाना जो आसानी से पच सके और पोषक तत्व भी दें, जैसे चावल खाने के लिए कहा गया है।
वीकेंड्स को मुख्य तौर पर ट्रेनिंग और अपनी बाइक्स के मेंटेनेंस पर खर्च करने के लिए कहा गया है। रात को जल्दी सो जाने के लिए कहा गया है ताकि नींद पूरी हो सकें और अगली सुबह ताजगी बनी रहे।



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