पिछले कुछ समय से जम्मु-कश्मीर का विकास काफी तेजी हो रहा है। खासतौर पर रामबन वायडक्ट को बड़ी तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि पूरे देश के साथ जम्मु-कश्मीर की कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सकें। इसी क्रम में रामबन-बनीहाल सेक्शन पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर 395 मीटर (2 लेन) मारोग टनल के बाद अब शेरेबीबी में 224 मीटर लंबा ब्रिज का निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

इस बात की जानकारी केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट (वर्तमान X) कर दी। अपने पोस्ट में गडकरी ने नवनिर्मित ब्रिज की तस्वीरें भी शेयर की है।
अपने पोस्ट में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, "यह बुनियादी ढांचा एनएच-44 के रामबन से बनिहाल खंड पर स्थित है। व्यापक परियोजना के हिस्से के रूप में, 224-मीटर का यह खंड न केवल यात्रा की दूरी को 125 मीटर कम करेगा, बल्कि खड़ी ढलानों को कम करता है, 80 डिग्री से अधिक पहाड़ी ढलान कोण के साथ खड़ी ढलान की कटाई की आवश्यकता को भी कम करता है। इसके अलावा, यह शेरेबीबी क्षेत्र के ढलानों के चुनौतीपूर्ण इलाके से अलग, वाहनों के सुचारू प्रवाह को महत्वपूर्ण रूप से सुविधाजनक बनाता है।"

उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में योगदान देती है और इसकी समग्र कनेक्टिविटी को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत हम जम्मू एवं कश्मीर राज्य में बेहतर राजमार्ग बुनियादी ढांचा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं।
बता दें, जम्मु-कश्मीर के शेरेबीबी में इस ब्रिज के निर्माण की आनुमानिक लागत करीब 12 करोड़ रुपये बतायी गयी है।

इससे कुछ दिनों पहले ही गडकरी ने ट्विटर पर एक पोस्ट में बताया था कि रामबन-बनीहाल सेक्शन पर ही 395 मीटर लंबा 2 लेन मरोग टनेल समेत 250 मीटर 2 लेन वायडक्ट यानी कुल 645 मीटर लंबा निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसकी आनुमानिक कीमत करीब 82 करोड़ रुपये बतायी जाती है। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से शेयर की थी।



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