मंगलवार (30 जुलाई) का दिन हादसों का दिन रहा। एक ओर जहां हावड़ा-मुंबई मेल झारखंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी वहीं दूसरी ओर केरल में प्रकृति अपना कहर बरपा रही है। केरल के वायनाड में हुई भीषण बारिश के बाद अचानक पहाड़ी क्षेत्र में हुए भू-स्खलन में सैंकड़ों लोगों के दब जाने का मामला सामने आया है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 41 लोगों के मारे जाने की खबर मिली है। केरल राज्य डिजास्टर मैनेजमेंट और NDRF की टीम संयुक्त रूप से राहत व बचाव अभियान चला रही है। वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सेना की मदद भी मांगी है।

कौन-कौन से इलाके हुए प्रभावित?
Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार केरल के वायनाड जिले में हो रही भारी बारिश की वजह से लगभग आधी रात के बाद 2 बजे और एक बार सुबह 4.10 बजे भूस्खलन हुआ। इस भूस्खलन में 100 से ज्यादा लोग मलबे में दब गये। वहीं अब तक लगभग 41 लोगों की मौत होने की खबरें भी सामने आ रही है। बताया जाता है कि भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में वायनाड जिले के मुंडक्काई, चूरालमाला, अट्टमाला और नूलपुज़ा गांव शामिल है।
बताया जाता है कि कई गांव ऐसे हैं जिनसे वर्तमान में संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। इन गांवों में पहुंचना ही बचावकर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गयी है। भूस्खलन इतना ज्यादा हुआ कि कई जगह बाढ़ के पानी और उसके साथ बहकर आए मलबे में गाड़ियां भी बह गयी। बड़े-बड़े ट्रक आदि पेड़ों में फंस गये।

प्रधानमंत्री ने की मुख्यमंत्री से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन से बात की और उन्हें हर तरह की मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री ने इस हादसे में मारे गये लोगों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50,000 रुपए मुआवजे की घोषणा की है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने केरल से चुने गये दो संसदीय मंत्री सुरेश गोपी और जॉर्ज कुरिएन से भी बात की और पूरे मामले की जानकारी ली है।
बताया जाता है कि पीएम मोदी ने भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा से केरल में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए और वहां चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लेने का निर्देश दिया है। वहीं दूसरी ओर लोकसभा में विपक्ष के नेता और वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी भी केरल का दौरा कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह लैंडस्लाइड की जानकारी मिलने के बाद ही राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर भी बात की।

सेना की ली जा रही है मदद
मुख्यमंत्री विजयन द्वारा बचाव कार्य में सेना से मदद मांगने के बाद भारतीय सेना के 43 अधिकारियों की टीम वायनाड रवाना हो गयी। रक्षा PRO ने मीडिया को दिये अपने बयान में कहा कि इस टीम में सेना के जवानों के साथ-साथ मेडिकल अधिकारी, जूनियर कमिश्नड अधिकारी, 40 जवान आदि रवाना हो चुके हैं।
इसके अलावा केरल की मंत्री वीणा जॉर्ज ने भी मीडिया को बताया कि भारतीय नौसेना भी बचाव व राहत कार्यों में मदद कर सकती है। उन्होंने बताया कि चूरालमाला से वायनाड जिले का संपर्क बनाने वाला मुख्य ब्रिज भूस्खलन में पूरी तरह से बह गया है। इस वजह से यहां से संपर्क करना अभी बचाव दलों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है।

हेल्पलाइन नंबर जारी
राज्य सरकार ने 5 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी हुआ है, उनमें कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड और मल्लपुरम शामिल हैं। अगले कुछ दिनों तक इन जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं वायनाड में भूस्खलन की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और नेशनल हेल्थ मिशन ने कंट्रोल रूम खोला है और इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है जो निम्न है :
- 9656938689
- 8086010833



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