कारगिल और लद्दाख जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। जरा सोचिए...आसमान की ऊंचाईयों को नापते हुए हिमालय के शानदार नजारों को देखना और कारगिल, जिसका अपना ही अलग महत्व है, में लैंड करना। जी हां, यह सपना अब बहुत जल्द ही पूरा होने वाला है।
केंद्र सरकार कारगिल में आम नागरिकों के लिए विमान सेवाएं शुरू करने का प्रयास कर रही है। इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार 19 सीटों वाली विमान के साथ इस सेवा को शुरू करने का विचार किया जा रहा है।

Business Standard की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय सीविल एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू ने पिछले गुरुवार को ही लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN - उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत कारगिल के लिए नागरिक उड़ान सेवाओं को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कारगिल के वर्तमान एयरपोर्ट, लैंडिंग और उड़ान भरने के समय सामने आने वाली बाधाओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यहीं फैसला लिया गया है कि सिर्फ 19 सीटों वाली विमान का ही संचालन किया जा सकेगा। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हम कारगिल में आम नागरिक सेवाओं को शुरू करने के लिए सभी तरह से प्रयास कर रहे हैं। अगर कुछ एयरलाइंस कंपनियां कारगिल से श्रीनगर या जम्मू तक उड़ान सेवाएं संचालित करने के लिए राजी हो जाती हैं तो हम बाकी कार्यों और नागरिक सेवाओं को शुरू करने का काम शुरू कर देंगे।

साथ ही उन्होंने बताया कि इन सेवाओं को शुरू करने का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा। बता दें, वर्ष 2021 में एक टीम जिसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), भारतीय वायु सेना और DGCA के अधिकारी शामिल थे, ने वाखा कारगिल, दिश्किट, न्योमा, पदुम, जांस्कर आदि जगहों में एयरपोर्ट बनाने की उचित जगह ढूंढने के लिए दौरा किया था। हालांकि इनमें से कोई भी जगह एयरपोर्ट के निर्माण के लिए सटिक नहीं लगी। बोइंग 737 और एयरबस 320 का शरीर पतला होता है, इसलिए इन विमानों द्वारा ही यात्री सेवाओं के शुरू होने की संभावना है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने लगभग ₹9.2 करोड़ रुपए कारगिल एयरपोर्ट के विकास के लिए आवंटित किये हैं। बताया जाता है कि कारगिल एयरपोर्ट पर कुछ इलेक्ट्रॉनिक कार्य संपन्न भी किये जा चुके हैं।



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