महाराष्ट्र के ठाणे हाईवे से होकर गुजरना अब तक सभी तरह के ड्राईवरों के लिए सिरदर्द हुआ करता था। हाईवे पर गाड़ियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से न सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी बल्कि बड़े और भारी वाहनों के लगातार इस हाईवे से होकर आने-जाने की वजह से कई बार जान पर भी बन आती थी। लेकिन अब लगता है ठाणेवासियों की यह परेशानी जल्द ही खत्म होने वाली है।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड मुंबई-नासिक हाईवे पर चल रहे वाडपे-माजीवाडा विस्तार परियोजना की वजह से ठाणे हाईवे से होकर आना-जाना अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान बनने वाला है। इस परियोजना के तहत हाईवे को न सिर्फ चौड़ा बनाया जाएगा बल्कि यातायात को सरल व Smooth बनाए रखने के लिए 10 अंडरपास (Underpass) भी बनाएं जाएंगे।

इसके साथ ही 3 ब्रिज व फ्लाईओवर बनाने की भी योजना बनायी गयी है ताकि इस हाईवे पर यातायात का बहाव सुव्यवस्थित हो सकें।
चौड़ा होगा हाईवे
Indian Express की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ओल्ड मुंबई-नासिक हाईवे (जिसका एक हिस्सा ठाणे हाईवे के नाम से ठाणे से होकर भी गुजरता है) को चौड़ा बनाने की योजना बनायी गयी है। वाडपे-माजीवाडा विस्तार परियोजना के तहत इस हाईवे को चौड़ा बनाने का काम महाराष्ट्र राज्य रोड विकास प्राधिकरण (MSRDC) करने वाली है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 23.8 किमी लंबे इस हाईवे को 8 लेन चौड़ा बनाने की योजना है। इसके साथ हाईवे के दोनों किनारों पर 2 लेन की सर्विस रोड भी बनायी जाएगी। यातायात को सुव्यवस्थित व Smooth बनाए रखने के लिए इस हाईवे पर 10 अंडरपास बनाने की योजना बनायी गयी है, जिनका संभावित लोकेशन भी निर्धारित कर लिया गया है।
बता दें, भिवंडी वेयरहाउस से आने-जाने वाले भारी वाहनों की वजह से इस हाईवे पर यातायात का बहाव काफी ज्यादा रहता है। MSRDC का लक्ष्य यातायात के इसी बहाव को सुव्यवस्थित बनाना है। भारी वाहनों के लगातार आवाजाही बने रहने की वजह से ट्रैफिक जाम की परेशानी भी कई बार बहुत ज्यादा होने लगती है।
कहां-कहां बन सकते हैं अंडरपास?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस हाईवे पर 10 जगहों पर अंडरपास बनाने की योजना बनायी गयी है, जिनमें शामिल हैं -
- वाल्शीन
- सोनाले
- खरेगांव
- येवली फ्लाईओवर
- सरवली
- पिम्पलास
- ओवाली
- मनकोली मोटागांव
- डाइव गांव (पेट्रोल पंप के पास)
- डाइव
इसके साथ ही इस परियोजना के तहत 3 प्रमुख ब्रिज और एक फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है, जो होंगे -
- कशेली क्रीक ब्रिज (817.5 मीटर)
- कल्वा क्रीक ब्रिज (199 मीटर)
- वाडपे फ्लाईओवर (320 मीटर)
- रेलवे ब्रिज (84.15 मीटर)
कब तक अंडरपास बनाने की है योजना?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 76 किमी लंबे स्ट्रेच के विस्तार लगभग पूरा हो चुका है, जो इगतपुरी को ठाणे से जोड़ने वाली 701 किमी लंबी समृद्धि महामार्ग का हिस्सा है। यह स्ट्रेच 4.2 किमी लंबे महत्वपूर्ण मार्ग का ही हिस्सा है जो महामार्ग को निर्माणाधीन मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे से जोड़ता है।
बताया जाता है कि इस मार्ग का निर्माण जनवरी के अंत तक पूरा हो सकता है, जो मुंबई से नागपुर के बीच की दूरी को काफी कम कर देगा। वहीं ठाणे हाईवे पर जिन 10 अंडरपास को यातायात को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बनाने की योजना बनायी गयी है, उनका निर्माण मई तक पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



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