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पिछले 2 सालों में 3.5 गुना ज्यादा दिन था समुद्री Heatwaves - हजारों की गई जान, लाखों डॉलर का आर्थिक नुकसान

पिछले 2 सालों से सिर्फ हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों में भयंकर गर्मी पड़ रही है। सिर्फ गर्मी ही नहीं, कभी चक्रवाती तूफान तो कभी किसी और कारण से प्रकृति की मार इंसान झेल रहा है। इन सबसे पीछे की मुख्य वजह बतायी जाती है समुद्र के तापमान में वृद्धि या समुद्री हीटवेव (Marine Heatwave)। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि पिछले दिनों यूरोपिय वेबसाइट Nature.com पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2023 और 2024 में समुद्री हीटवेव की वजह से ही इतनी ज्यादा गर्मी पड़ी। बताया जाता है कि मानव निर्मित मौसम परिवर्तन और एल नीनो (El Niño) की परिस्थिति के सम्मिलित रूप से होने की वजह से ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी।

marine life

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मानव निर्मित मौसम परिवर्तन और एल नीनो की वजह से ही साल 2023 और 2024 में पिछले कुछ सालों के मुकाबले लगभग 3.5 गुना ज्यादा दिनों तक समुद्री लहरें गर्मी बनी रही और हीटवेव रहा। बताया जाता है कि समुद्री हीटवेव की वजह से पिछले दो सालों के दौरान हजारों लोगों की मौत, लाखों डॉलर का आर्थिक नुकसान और विश्व भर में चौथा कोरल ब्लिचिंग की घटना घटी।

समुद्री हीटवेव की वजह से मौसम पर पड़े कुछ भयानक प्रभाव -

साल 2023 में अटलांटिक हरिकेन के मौसम में रिकॉर्ड संख्या में आंधी और तूफान आएं थे। समुद्री गर्म लहरों के कारण पेरू के एन्कोवियों की सीमा में परिवर्तन हुआ, जिसके कारण व्यापारिक रूप से मछली पालन बंद हो गया। अनुमान लगाया जाता है कि इस वजह से करीब 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। सरकार को जिसकी भरपाई मछुआरों को करनी पड़ी।

लंबे समय तक समुद्री लहरों के गर्म बने रहने की वजह से साल 2023 में अत्यधिक हीटवेव हुई, जिसकी वजह से जापान में गर्मी के मौसम में तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि हुई और उस साल जापान में आयी बाढ़ की वजह भी यहीं रहा। अफ्रीका में आया भयानक तूफान डैनियल को समुद्री हीटवेव की वजह से बढ़ावा मिला जिसके बाद तेज बारिश के साथ बाढ़ ने बड़ी तबाही मचायी।

यह अफ्रीका के इतिहास का सबसे घातक बाढ़ था। लीबिया में भारी बारिश की वजह से डेरना बांध ढह गया जिसके कारण लगभग 6000 लोगों की मौत हो गयी। समुद्री हीटवेव के कारण ही भूमध्य सागर में गंभीर रूप से बीमार पड़कर काफी मछलियों की मौत हो गयी और यहां से फैन मसल मछलियां लगभग विलुप्त हो गयी। साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया में आए भयानक बाढ़ की वजह भी लंबे समय तक समुद्री हीटवेव का होना ही था।

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एशिया पर समुद्री हीटवेव का प्रभाव -

- साल 2023 में चीन, ताईवान, फिलिपिंस और वियतनाम में आए डोकसुरी तूफान की वजह लंबे समय तक अत्यधिक समुद्री हीटवेव का बने रहना था। इस तूफान ने लगभग 2 मिलियन लोगों को प्रभावित किया और 200 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

- समुद्री हीटवेव का लंबे समय तक बने रहने की वजह से जापान में गर्मियां ज्यादा पड़ी, हीटवेव आया और इस वजह से जापान को भारी बाढ़ से जुझना पड़ा।

- समुद्री हीटवेव की वजह से थाईलैंड की खाड़ी में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो गयी। गर्म पानी के कारण हानिकारक शैवालों की वृद्धि से समुद्र में मृत क्षेत्र का निर्माण हुआ। इससे मसल फार्मों में शंख मछलियों की मौत हुई।

- उष्णकटिबंधीय चक्रवात मोका की वजह से म्यांमार में कम से कम 145 लोगों की मौत और 80 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। वहीं भारत और बांग्लादेश में गंभीर चक्रवाती तूफान रेमल की वजह से कम से कम 84 लोगों की मौत हो गयी। इन सबकी वजह समुद्री हीटवेव को ही माना जाता है।

- एशिया के अधिकांश हिस्सों फारस की खाड़ी, जापान के समुद्र सागर, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड और इंडोनेशिया आदि में प्रवाल विरंजन हुआ। प्रवाल को पुनः प्राप्त करने के लिए थाईलैंड में कई जगहों पर गोताखोरी भी रोक दी गई।

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