मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलने का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट की राह में आने वाली आखिरी बाधा भी आखिरकार दूर हो गयी है। मिली जानकारी के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर (MHRC) के लिए भूमि अधिग्रहण का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

इस प्रोजेक्ट को मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तौर पर भी जाना जाता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल साइट पर अपने एक पोस्ट में बताया कि इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड रेल लाइन बनायी जा रही है। रेल मंत्री ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 1389.49 हेक्टेयर जमीन की जरूरत थी और पूरी जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए गुजरात, दादर और नागर हवेली तथा महाराष्ट्र में जमीन की जरूरत थी। इसमें से गुजरात में 951.14 हेक्टेयर, दादर और नागर हवेली में 7.90 हेक्टेयर और महाराष्ट्र में 430.45 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है।
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की तरफ से बताया गया कि सिर्फ 10 महीने के समय में गुजरात के वलसाड जिले में जरोली गांव के पास करीब 350 मीटर लंबी पहली माउंटेन टनल का निर्माण पूरा हो चुका है। इस परियोजना में इस तरह के कुल 28 पुलों का निर्माण किया जाना है, जिसमें से 16 पुलों का निर्माण विभिन्न चरणों में है।
वहीं MHRC में नदियों पर 24 पुलों का निर्माण किया जाना है, जिसमें से 6 नदियों पर पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिन नदियों पर पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनमें पार (वलसाड जिला), पूर्णा (नवसारी जिला), मिंधोला (नवसारी जिला), अंबिका (नवसारी जिला), औरंगा (वलसाड जिला) और वेंगनिया (नवसारी जिला) शामिल हैं। इनके अलावा नर्मदा, ताप्ती, माही और साबरमती नदियों पर काम जारी है।

क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली समुद्र के नीचे रेल सुरंग भी इसी रेल प्रोजेक्ट का हिस्सा है। यह सुरंग महाराष्ट्र में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और शिलफाटा के बीच 21 किमी लंबी सुरंग का हिस्सा है। इसमें से करीब 7 किमी लंबी सुरंग समुद्र के नीचे बनेगा जिसे बनाने का काम शुरू हो चुका है।
मुंबई एचएसआर स्टेशन के निर्माण के लिए भी खुदाई का काम शुरू हो चुका है। NHSRCL से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात के वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती में एचएसआर स्टेशनों का निर्माण विभिन्न चरणों में है।
गौरतलब है कि 1.10 लाख करोड़ रूपए की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की संभावना पहले साल 2022 में ही थी लेकिन भूमि अधिग्रहण ही इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा नहीं होने के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बन गया था। अब सरकार साल 2026 तक दक्षिण गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन का पहला चरण शुरू करने का लक्ष्य बना रखा है।



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