मुंबईकरों के लिए एक अच्छी खबर। मुंबई कोस्टल रोड परियोजना (MCRP) का एक स्ट्रेच, जो हाजी अली जूस सेंटर से मरीन ड्राइव तक जाता है, को आम जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया है। इस स्ट्रेच के खुल जाने से दक्षिण हिस्से की ओर जाने वाली गाड़ियों को हाई स्पीड और बेहतर तरीके से आने-जाने की सुविधा होगी।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस नए स्ट्रेच के खुल जाने से कोस्टल रोड तक आना-जाना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान बन गया है, जिसकी वजह से वेस्टर्न कोस्टलाइन से होकर गाड़ियां आसानी से अपने गंतव्यों की ओर जा सकेंगी।

मुंबई कोस्टल रोड परियोजना पर कई इंटरचेंज हैं, जिसमें प्रमुख जंक्शन हाजी अली, पेद्दर रोड (अमरसंस गार्डन) और वर्ली सी फेस शामिल हैं। इन सभी इंटरचेंज को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि व्यस्त समय में और ट्रैफिक का घनत्व ज्यादा होने के बावजूद गाड़ियां आसानी से आवाजाही कर सकें। बताया जाता है कि इनमें से हाजी अली इंटरचेंज सबसे ज्यादा मुश्किल वाला इंटरचेंज है, जिसमें 8 व्हीकल बाजू है।
वहीं दूसरी ओर अमरसंस और वर्ली इंटरचेंज में 4 और 5 बाजूएं ही हैं। पिछले साल दिसंबर में हाजी अली इंटरचेंज बाजू (आर्म) को खोल दिया गया था, जिससे इस रोड से होकर आने-जाने वाली गाड़ियों को काफी सुविधा होती है।
मरीन ड्राइव पर प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से बांद्रा-वर्ली सी लिंक के वर्ली वाले हिस्से से जुड़ने वाला लगभग 10.58 किमी लंबा कोस्टल रोड मुंबई की ट्रैफिक संरचना के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। दावा किया जाता है कि मुंबई कोस्टल रोड परियोजना लोगों का काफी ज्यादा समय बचाएगा। पर इस कोस्टल रोड को पूरी तरह से कब खोला जाएगा?
Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई कोस्टल रोड परियोजना के फाइनल सेक्शन, जो बांद्रा-वर्ली सी लिंक को लोटस जेट्टी-वर्ली नाका से जोड़ता है, के इस साल मार्च के मध्य तक खुल जाने की पूरी संभावना है। बताया जाता है कि वर्ली इंटरचेंज पर चल रहा निर्माण कार्य अपने अंतिम पड़ाव पर है। इस इंटरचेंज पर ट्रैफिक आर्म पर वाहनों की पार्किंग का निर्माण होने की वजह से ही इस परियोजना के फाइनल सेक्शन को खुलने में थोड़ी देर हो रही है।



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