मुंबई के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) में जल्द शुरू होने वाला है लेपर्ड सफारी। इस बात की घोषणा हाल ही में महाराष्ट्र के सूचना एवं प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री, ईश शेलार ने की है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को संरक्षित वातावरण में तेंदुओं को देखने का अवसर देना है।
इससे न केवल रेस्क्यू किए हुए और पुनर्वासित लेपर्ड या तेंदुए को स्वस्थ रखा जा सकेगा बल्कि उम्मीद की जा रही है कि इस सफारी के शुरू होने से पार्क अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

लेपर्ड सफारी परियोजना को पर्यटकों को पार्क के सबसे शानदार जीवों में से एक को करीब से देखने का मौका देने के लिए ही डिजाइन किया गया है। एक प्रमुख आकर्षण होने के बावजूद, तेंदुए को SGNP के भीतर उनके प्राकृतिक आवास में पर्यटकों ने शायद ही कभी देखा जाता है।
लेपर्ड आमतौर पर शर्मिले जानवर माने जाते हैं, इसलिए जंगल में उनके प्राकृतिक निवास में उन्हें देख पाना बड़ा ही मुश्किल काम माना जाता है। बताया जाता है कि इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹5 करोड़ रुपये होगी। इससे पार्क के पर्यटन और कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि होने की आशा की जा रही है।
बता दें, मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि उन्होंने दो शेरों 'भारत और भारती' को एक वर्ष के लिए गोद लिया है। तीन साल के इन शावकों को हाल ही में गणतंत्र दिवस पर गुजरात से SGNP लाया गया था। उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने का मंत्री का निर्णय वन्यजीवों के संरक्षण में व्यक्तिगत योगदान के महत्व को ही दर्शाता है।

लेपर्ड सफारी की शुरुआत और संरक्षण उपायों को मजबूत करने के साथ, SGNP वन्यजीव प्रेमियों के लिए और भी अधिक आकर्षक गंतव्य बनने के लिए तैयार है। इस परियोजना का उद्देश्य न सिर्फ मेहमानों को एक यादगार अनुभव प्रदान करना है, बल्कि इन लेपर्ड के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। बचाए गए लेपर्ड के लिए एक सुरक्षित आवास प्रदान करके और SGNP एक सराहनीय उदाहरण पेश कर रहा है कि कैसे वन्यजीव पर्यटन को संरक्षण प्रयासों के साथ सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है।



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