संयुक्त अरब अमीरात का एक शहर दुबई, जिसकी चकाचौंध हमेशा से ही भारतीयों को खूब आकर्षित भी करती है। भारतीय पर्यटकों के लिए दुबई एक पसंदीदा पर्यटन स्थल भी है। बात अगर दुबई तक विमान से आने-जाने में लगने वाले समय की करें तो कम से कम 5 घंटे का समय लग जाता है। लेकिन भविष्य में एक दिन ऐसा जरूर होगा जब मुंबई से दुबई के बीच की दूरी को मात्र 2 घंटे में तय किया जा सकेगा।
वह भी विमान नहीं बल्कि अंडरवाटर ट्रेन से। मुंबई से दुबई के बीच अंडरवाटर हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें लगभग 2000 किमी की दूरी को तय करने में लगेगा मात्र 2 घंटे का समय।

Times Now की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सलाहकार ब्यूरो लिमिटेड की तरफ से दिया गया है। बताया जाता है कि इस रेल कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ लोगों के यात्रा का अनुभव बदल जाएगा बल्कि मुंबई और दुबई के फुजैराह के बीच आवाजाही में लगने वाले समय में भी काफी ज्यादा कमी आएगी।
क्या है यह प्रस्ताव?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई से दुबई के बीच 2000 किमी लंबे अंडरवाटर रेल लिंक को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। यह रेल लिंक हाईस्पीड रेल कॉरिडोर होगा, जिसपर 600 किमी प्रतिघंटा से 1000 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें आवाजाही करेंगी।
मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि यह प्रस्ताव कई सालों पहले ही दिया गया था, लेकिन इस पर आगे कोई काम नहीं हुआ। हाल ही में एक पुराना Youtube वीडियो फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें इस रेल कॉरिडोर के निर्माण के बाद कैसा लगेगा, इसे ग्राफिक्स की मदद से दिखाया गया है।
दावा किया जाता है कि यह वीडियो राष्ट्रीय सलाहकार ब्यूरो लिमिटेड के यूट्यूब अकाउंट से ही अपलोड किया गया था। दावा किया जा रहा है कि अगर यह रेल कॉरिडोर बनकर तैयार होता है तो न सिर्फ दोनों देशों के बीच के रिश्ते पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत होंगे बल्कि पर्यटकों को भी आवाजाही करने में सुविधा होगी। हालांकि इस परियोजना को पूरा करने में जितना भारी-भरकम खर्च होने की संभावना जतायी जा रही है, ठीक उतना ही इस परियोजना के रास्ते में कठिनाईयां आने की संभावनाएं भी हैं।

रिपोर्ट्स के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सलाहकार ब्यूरो लिमिटेड की ओर से इस रेल रूट को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो साल 2030 तक इस रेल कॉरिडोर का निर्माण पूरा होगा।
इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के बनने से विमान के मुकाबले अंडरवाटर ट्रेन के माध्यम से मुंबई से दुबई तक आवाजाही में लगने वाले समय में करीब 2 से 2.30 घंटे की कमी आने की उम्मीद है। बताया जाता है कि यात्रियों की आवाजाही के साथ ही इस रेल कॉरिडोर के माध्यम से सामानों को जल्दी और आसानी से दुबई से भारत लाया और ले जाया जा सकेगा। इस वजह से ही उम्मीद की जा रही है कि यह रेल कॉरिडोर सिर्फ पर्यटन ही नहीं बल्कि आर्थिक उन्नति के द्वार भी खोल देगा।
क्या-क्या होगी इस परियोजना की विशेषताएं -
- ट्रेन की आनुमानिक रफ्तार होगी 600 किमी प्रतिघंटा से 1000 किमी प्रतिघंटा के बीच।
- मुंबई से दुबई के बीच आने-जाने में लगेगा मात्र 2 घंटे का समय।
- इस महत्वकांक्षी रेल परियोजना को पूरा करने के लिए लगेगा अरबों रुपयों का निवेश।
- यात्रियों के साथ ही तेज रफ्तार से दुबई से भारत कच्चा तेल व अन्य सामान लाए जा सकेंगे, जिससे देश की आर्थिक उन्नति में फायदा मिलेगा।
- अगर मंजूरी मिलती है तो इस रेल कॉरिडोर साल 2030 तक बनकर हो जाएगा तैयार।
- अगर यह रेल कॉरिडोर बनकर तैयार होता है तो यह एयरलाइंस कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर सकता है।



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