अगर आप पश्चिम रेलवे के यात्री हैं और ट्रेनों से आवाजाही करना आपकी रोजमर्रा की जिन्दगी का हिस्सा है, तो जरा इस खबर को पढ़ लें। मुंबई में पश्चिमी रेलवे 35 दिनों का मेगा ब्लॉक करने वाली है। यह मेगा ब्लॉक 27-28 अगस्त की रात से शुरू होगी। मेगा ब्लॉक की वजह से करीब 650 से 700 ट्रेनों के रद्द होने की संभावना है, जिस कारण यात्री सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
लेकिन चिंता का सबसे बड़ा कारण कुछ और है। मुंबई में 7 सितंबर से शुरू हो रहा है गणेश चतुर्थी का त्योहार। तो क्या गणेशोत्सव के दौरान भी रेलवे का मेगा ब्लॉक जारी रहने वाला है?

क्यों होगा मेगा ब्लॉक?
गोरेगांव और कांदिवली के बीच 6ठवें लाइन के विस्तार की वजह से ही पश्चिमी रेलवे ने 35 दिनों का मेगा ब्लॉक करने का फैसला लिया है। इस बारे में Hindustan Times से हुई रेलवे के अधिकारियों की बातचीत में पता चला कि पिछले साल नवंबर में जब सांताक्रुज-गोरेगांव 6ठवें लाइन का काम हुआ था, तब 2500 से अधिक ट्रेन सेवाओं को रद्द कर देना पड़ा था लेकिन इस बार 700 ट्रेनों को रद्द किया जा सकता है, जिसका असर 5 सप्ताहांत पर होगा।
इस बारे में पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि हमने 10 घंटे का मेगा ब्लॉक मुख्य तौर पर शनिवार की रात को करना निर्धारित किया गया है, जो 5 दिनों का होगा। इस वजह से उम्मीद की जा रही है कि 130-140 ट्रेन सेवाएं प्रतिदिन रद्द हो सकती हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में रद्द होने वाली ट्रेनों की संख्या इससे काफी कम होगी क्योंकि रात में ब्लॉक मात्र 5 घंटे का ही होगा।
उक्त अधिकारी ने बताया कि हम कोशिश कर रहे हैं कि जब संरचनात्मक विकास किया जाए उस समय यात्रियों की मुश्किलों को कम से कम किया जा सकें। जिस रात को ब्लॉक होगा, उस दिन ब्लॉक रात के 10-11 बजे से शुरू होने की संभावना है। हालांकि यह ब्लॉक के दिन पर भी निर्भर करता है।
क्या गणेशोत्सव से भी मेगा ब्लॉक होगा प्रभावित?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे के मेगा ब्लॉक का असर गणेशोत्सव के दौरान नहीं होगा। 7 सितंबर की रात के अलावा 8 से 17 सितंबर तक रेलवे मेगा ब्लॉक नहीं करेगी। मिली जानकारी के अनुसार 5 दिन जब 10 घंटे का मेगा ब्लॉक हो सकता है, वह होंगे ब्लॉक का 5वां दिन, 12वां दिन, 16 वां दिन, 23वां दिन और 30वां दिन (गणेश उत्सव के अलावा)।
मिली जानकारी के अनुसार योजना बनायी गयी है कि इस नई रेल लाइन को विरार जाने वाली ट्रेनों के लिए धीमी लाइन में बदल दिया जाएगा, फिर मौजूदा विरार जाने वाली धीमी लाइन का इस्तेमाल चर्चगेट जाने वाली धीमी ट्रेनों के लिए किया जाएगा। चर्चगेट जाने वाली ट्रेनों के लिए मौजूदा धीमी लाइन का इस्तेमाल विरार जाने वाली तेज़ ट्रेनों के लिए किया जाएगा।
फिर विरार जाने वाली तेज़ लाइन द्वारा इस्तेमाल चर्चगेट जाने वाली तेज़ ट्रेनों के लिए किया जाएगा। चर्चगेट जाने वाली तेज़ लाइन 5वीं लाइन होगी और एसटीए लाइन यानी लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए उपनगरीय ट्रैक अवॉइडिंग लाइन 6ठवीं लाइन होगी, जो अभी 5वीं रेल लाइन सांताक्रूज़-बोरीवली मार्ग पर मौजूद है। इसके बाद गोरेगांव-कांदिवली रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए रेल पटरियों को अलग करने का काम शुरू किया जाएगा।



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