
भारतीय रेलवे ना सिर्फ पटरियों पर रेल दौड़ाता है बल्कि साथ कई लोगों के सपनों को भी साथ ले जाता है और उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचाता है। लेकिन अब भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों को एक बड़ा सा झटका दिया गया है। अब रेलवे की ओर से एक साल तक बच्चों का भी फुल टिकट लिया जा रहा है। अब तक 5 से 11 साल के बच्चों का हॉफ टिकट ही लगता था। इससे अब यात्रियों की जेब पर काफी ज्यादा बोझ पड़ने वाला है।

पहले 5 - 11 साल के बच्चों का लगता था हॉफ टिकट
दरअसल, ये घटना देखने को मिली लखनऊ में। जहां ओखा-सोमनाथ एक्सप्रेस की फर्स्ट AC में जब एक यात्री के द्वारा टिकट बुक कराया गया तो उस वक्त उसके एक साल के बेटे को फुल सीट आवंटित करते हुए उसका भी फुल टिकट ले लिया गया, जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। पहले 5 से 11 साल के बच्चों के फुल सीट ना लेने पर उनका किराया आधा लिया जाता था, लेकिन अब इससे यात्रियों की जेब काफी ढीली होने वाली है।

पहले 1-4 साल तक बच्चे निशुल्क में करते थें यात्रा
पहले एक से 4 साल तक बच्चों का कोई किराया नहीं लिया जाता था, वे निशुल्क यात्रा करते थें। लेकिन अब रेलवे की ओर से गुपचुप तरीके से एक साल तक के बच्चों के भी फुल टिकट लिए जाने लगे हैं। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से चार साल से कम उम्र के भी बच्चों के फुल टिकट बनाकर सीट देने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।

टिकट न लेने का कोई विकल्प ही नहीं
अब रेलवे की ओर से चार साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए टिकट ना लेने के लिए कोई विकल्प ही नहीं रखा गया है। ऐसे में आपको बच्चों के लिए भी टिकट बुक करवाना ही पड़ेगा। कम उम्र होने के बावजूद भी रेलवे सिस्टम इस पर कोई आपत्ति नहीं जाहिर करता, जिससे एप्लीकेशन फॉर्म में चार साल से कम उम्र वाले बच्चों का नाम भरते ही पूरा किराया लेकर रेलवे की ओर से टिकट जारी कर दिया जा रहा है।



Click it and Unblock the Notifications













