इस समय पूरा देश अपनी सांसों को थामे ओडिशा के जगन्नाथ पुरी की तरफ देख रहा है। आखिरकार लंबे समय से चर्चित रहा जगन्नाथ पुरी का रत्न भंडार, सिक्रेट चेंबर आज यानी 14 जुलाई को खुलने जो वाला है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो आखिरी बार पुरी के जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार साल 1985 में खोला गया था।
हालांकि रत्नों व जेवरातों की गिनती और उनका मूल्यांकन आखिरी बार 1978 में ही किया गया था। उसके बाद से अब तक न तो रत्न भंडार को खोला जा सका था और न ही जेवरातों व अन्य बहुमूल्य रत्नों का मूल्यांकन हो सका था।

कई दशकों के बाद, करीब 46 सालों के बाद आखिरकार पुरी के जगन्नाथ मंदिर के उस अंदरुनी कमरे को खोलने की तैयारियां की गयी है, जिसमें न सिर्फ जेवरात बल्कि कई बहुमूल्य रत्न, बर्तन आदि भी रखे हुए हैं। इस बारे में मीडिया को दिये जानकारी में ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरीचंदन ने बताया कि 14 जुलाई को भगवान जगन्नाथ के मंदिर के रत्न भंडार को खोला जाएगा। राज्य सरकार ने इस निर्णय पर अपनी सहमति भी जता दी है। उन्होंने बताया कि रत्न भंडार को खोलकर उसकी गिनती व रत्न भंडार के गुप्त दरवाजे की मरम्मत का काम किया जाएगा।
क्या है पुरी के रत्न भंडार में?
मिली जानकारी के अनुसार पुरी के रत्न भंडार के गुप्त कमरे में 12वीं शताब्दी के कई ऐसे जेवर रखे हुए हैं, जो आज के समय दुर्लभ हैं। इनमें हीरे, सोने व अन्य बहुमूल्य रत्नादि जड़े हुए हैं. बताया जाता है कि इन सभी जेवरातों को देशभर के राजपरिवारों की तरफ से सदियों पहले भगवान जगन्नाथ को समर्पित किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावों के अनुसार पुरी के जगन्नाथ मंदिर के भीतरी भंडार यानी गुप्त कमरे में 180 प्रकार के गहने सुरक्षित रखे हुए हैं, जिसमें 74 प्रकार के गहने शुद्ध सोने के बने हुए हैं। इनमें से कुछ गहनों का वजन तो 1.2 किलो से भी ज्यादा है। इन सभी गहनों को गुप्त कमरे में सुरक्षित रखा जाता है और इन्हें भगवान को विशेष मौकों पर ही पहनाया जाता है।

क्या होगी रत्न भंडार खोलने की प्रक्रिया?
राज्य सरकार की तरफ से अनुमोदित योजना के अनुसार श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक के नेतृत्व में एक टीम मंदिर के उस हिस्से में जाएगी जहां रत्न भंडार को सुरक्षित रखा गया है। इस टीम में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बता दें, 12वीं सदी में बने श्री जगन्नाथ मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी ASI पर है और वहीं इसकी मरम्मत भी करवाता है।
कब है मुहूर्त?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रत्न भंडार को खोलने का शुभ मुहूर्त भी निकाला गया है जो 14 जुलाई को दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच का है। मंदिर कमेटी ने रत्न भंडार को खोलने के लिए सपेरे की टीम को भी बुलाया है। संभव है कि इतने सालों से बंद रहा रत्न भंडार के बाहरी कमरे अथवा भीतरी कमरों में सांपों का बसेरा हो गया हो।
इस वजह से बताया जा रहा है कि इन कमरों में सपेरों को पहले भेजा जाएगा जो इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि वहां कोई सांप-बिच्छु अथवा ऐसा कोई प्राणी न हो, जिससे इंसानों की जान को कोई खतरा हो। अगर ऐसा कोई प्राणी पाया जाता है तो उसे सुरक्षित रूप से वहां से हटा दिया जा सकें, जिससे अधिकारियों व उस प्राणी की जान को कोई नुकसान न पहुंचे।

आखिरी बार कब खुला था रत्न भंडार?
मिली जानकारी के अनुसार पुरी के जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार आखिरी बार 1978 में खोला और उसी समय भंडार में मौजूद गहनों की गिनती की गयी थी। बताया जाता है कि गहनों की गिनती करने में करीब 70 दिनों का समय लग गया था।
14 जुलाई को इस काम को करने के लिए एक्सपर्ट की टीम को बुलाया गया है जो शुभ मुहूर्त अथवा शुभ बेला में ही रत्न भंडार का ताला खोलेंगे जिसकी चाभी पुरी के जिला प्रशासन के पास सुरक्षित रहती है। अगर किसी कारणवश ताला नहीं खुलता है तो एक मजिस्ट्रेट को नियुक्त किया जाएगा जिनकी निगरानी में ताला को तोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।



Click it and Unblock the Notifications














