30 सितंबर 2023 से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है। पितरों को तर्पण और पितृपक्ष मेले में पिंडदान करने के लिए भारी संख्या में लोग गया और पुनपुन जाएंगे। इसलिए यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने पितृपक्ष मेला स्पेशल ट्रेन की शुरुआत कर दी है। यह ट्रेन पाटलिपुत्र से गया के बीच चलेगी। इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन आज यानी 29 सितंबर से शुरू हो चुका है जो 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन जारी रहेगी।

पाटलिपुत्र से गया के बीच रास्ते में यह ट्रेन 8 स्टेशनों पर रुकेगी। पाटलिपुत्र से गया के बीच की दूरी यह ट्रेन करीब 3.30 घंटे में पूरी करेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन नंबर 05553/05554 पाटलिपुत्र-गया-पाटलिपुत्र पितृपक्ष मेला स्पेशल ट्रेन 29 सितंबर से 14 अक्टूबर तक रोज चलेगी। पाटलिपुत्र से यह ट्रेन सुबह 10.30 बजे खुलेगी जो दोपहर 2 बजे गया पहुंचेगी। वहीं गया से दोपहर 2.45 बजे खुलने वाली ट्रेन शाम 6.25 बजे पाटलिपुत्र पहुंचेगी। दोनों तरफ ही रास्ते में यह ट्रेन फुलवारीशरीफ, पटना, पुनपुन, पोठही, तारेगना, जहानाबाद, मखदुमपुर गया और बेला स्टेशनों पर रुकेगी।
पितृपक्ष की शुरुआत 30 सितंबर से होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल गया में लगने वाले पितृपक्ष मेले में करीब 15 लाख से अधिक लोग अपने पितरों को तर्पण और पिंडदान करेंगे। मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली है।
बता दें, हर साल पितृपक्ष मेले के दौरान गया में पितरों को पिंडदान और तर्पण करने के लिए सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं। कहा जाता है कि अपने परिवार के सदस्यों के हाथों से पिंडदान स्वीकार करने के बाद पूर्वजों को प्रेतयोनी से मुक्ति मिल जाती है।

यूं तो गया में पिंडदान पूरे साल चलता रहता है, लेकिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन कृष्णपक्ष की 1 तारीख से अमावश्या तक किया गया पिंडदान एवं पितृतर्पण काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अमावश्या के दिन को महालया भी कहा जाता है जिसके अगले दिन से पितृपक्ष समाप्त होकर देवीपक्ष (नवरात्रि) की शुरुआत होती है। खासतौर पर महालया के दिन किया गया पितृतर्पण विशेष महत्व रखता है।



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