पुणे के औद्योगिक क्षेत्रों में लगने वाले जाम से छुटकारा दिलाने और इन क्षेत्रों में यातायात संपर्क को बेहतर बनाने के लिए महाराष्ट्र की मंत्रिमंडल ने हाल ही में पुणे जिले के एक महत्वपूर्ण हाईवे को अपग्रेड करने पर अपनी मंजूरी दे दी है। मिली जानकारी के अनुसार इस महत्वकांक्षी परियोजना में 4 लेन का एक एलिवेटेड रोड और 6 लेन की सड़क भी शामिल है।
बताया जाता है कि यह महाराष्ट्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण (MIDC) की एक प्रमुख परियोजना है, जो ट्रैफिक को आसान बनाने में कारगर साबित हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंत्रिमंडल के पास इस साल जनवरी में इस परियोजना का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जमा कर दिया गया था, जिसे अब मंजूरी भी मिल चुकी है।

क्या है यह परियोजना?
पुणे जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए MIDC ने इस परियोजना को बनाया है, जिसमें तालेगांव, चकन और शिक्रपुर स्ट्रेच पर नेशनल हाईवे का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के लिए महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने ₹6,499 करोड़ की मंजूरी दी है।
इस परियोजना के तहत एक 4 लेन की एलिवेटेड रोड बनायी जाएगी। इसके साथ ही तालेगांव से चाकन के बीच ग्रेड रोड पर 4 लेन और चाकन से शिक्रपुर के बीच 6 लेन की सड़क बनायी जाएगी। बताया जाता है कि तालेगांव, चाकन और शिक्रपुर क्षेत्र में MIDC की एक प्रमुख परियोजना है।
53.2 किमी लंबा यह कॉरिडोर नेशनल हाईवे 48 (मुंबई-पुणे हाईवे) को नेशनल हाईवे 753 (पुणे-संभाजीनगर हाईवे) से जोड़ेगा, जो पुणे शहर से एक महत्वपूर्ण एग्जिट रूट है। बताया जाता है कि वर्तमान में यहां 2 लेन की सड़क है, जिससे होकर प्रतिदिन 40,800 यात्री गाड़ियां आवाजाही करती हैं। इसके विस्तार से ट्रैफिक के बहाव को बढ़ाने में काफी ज्यादा मदद मिलेगी। इसका विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) महाराष्ट्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (MSIDC) के पास जमा किया जा चुका है।

Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मवल तालुका के कई इलाके जैसे मालवाडी, इनदोरी बाईपास, भंडारा डोंगर और सुधा ब्रिज, खेड तालुका के कई इलाके जैसे महलुंगे, खलुम्ब्रे, शेल पिम्पलगांव, सबलेवडी और बहुल आदि में काफी पतली सड़कें हैं। इन रास्तों पर खतरनाक मोड़ और फिसलन भी मौजूद है। इन जगहों को दुर्घटना क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है।
बताया जाता है कि राज्य के जिन संरचनात्मक विकास पर इस वर्ष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, उनके बारे में बताते हुए वित्त मंत्री अजीत पवार ने पहले ही दो प्रमुख सड़क परियोजना - पुणे से शिरुर और तालेगांव-चाकन-शिक्रापुर की घोषणा की थी। इसमें कुछ जगहों पर एलिवेटेड सड़क और फ्लाईओवर आदि बनाना भी शामिल है।
इस बारे में MSIDC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि या तो इस परियोजना को ऋण लेकर शुरू किया जाएगा या फिर बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल के आधार पर शुरू किया जा सकता है। जल्द ही NHAI और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किया जाएगा। MSIDC ने जो टोल शुल्क वसूला है, उसका इस्तेमाल रखरखाव व संचालन आदि कार्यों के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस सड़क के विकास से न सिर्फ इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी बल्कि नेशनल हाईवे, राज्य सड़क और पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच यातायात संपर्क भी पहले की तुलना में बेहतर बनेगा।



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