पिछले दिनों बजट सत्र के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि महाराष्ट्र के संभाजीनगर (औरंगाबाद) से पुणे के बीच एक हाईवे का निर्माण किया जाएगा, जो इन दोनों शहरों के बीच आवाजाही को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान बना देगी। इस हाईवे से होकर तेज रफ्तार से होकर गाड़ियां आवाजाही कर सकती हैं। हमारे देश में विभिन्न शहरों को जोड़ने वाले हाईवे, एक्सप्रेसवे, नदियों-समुद्र पर पुल और पहाड़ों तक हर मौसम में पहुंच को बनाए रखने के लिए सुरंग आदि का निर्माण किया जा रहा है।
इनमें से कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और यात्री सेवाओं के लिए खोल दी गयी हैं। वहीं कुछ परियोजनाएं अभी भी निर्माणाधीन हैं। केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए कौन सी परियोजनाओं का खाका तैयार किया है, इस बारे में ही केंद्रीय परिवहन मंत्री गडकरी ने विस्तार से जानकारी दी।

पुणे से संभाजीनगर हाईवे
India News की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि लोकसभा में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पुणे से संभाजीनगर (औरंगाबाद) तक का रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है। यह पश्चिमी महाराष्ट्र को मराठावाड़ा से जोड़ता है। गडकरी ने बताया कि पुणे से संभाजीनगर तक ग्रीन हाईवे बनाने की तैयारी चल रही है। पुणे एक बेहद महत्वपूर्ण शहर है।
पूरे महाराष्ट्र का जिस तरह से मुंबई से रिश्ता है, ठीक उसी तरह से पुणे से भी है। पुणे से संभाजीनगर के बीच इस हाईवे को ₹15,000 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। इस हाईवे का रूट तैयार किया जा चुका है। अब तक पुणे से संभाजीनगर तक आने-जाने में जहां करीब 6 घंटे का वक्त लग जाता था, यह हाईवे आवाजाही में लगने वाले समय को घटाकर मात्र 2 घंटे का कर देगा।

बनेगा दिल्ली-कटरा और इंदौर-हैदराबाद हाईवे
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली से कटरा के बीच एक हाईवे बनाया जाएगा। इस हाईवे से होकर दिल्ली से कटरा के बीच आने-जाने में महज 6 घंटे का समय लगेगा। वहीं जम्मू से श्रीनगर के बीच आने-जाने में जहां 9 घंटों का समय लग जाता था, उसे मात्र 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
इसके अलावा इंदौर से हैदराबाद के बीच भी एक हाईवे बनाया जा रहा है। इस हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू भी किया जा चुका है। सबसे पहले इस हाईवे को नांदेड़ तक के लिए बनाया जाएगा, उसके बाद इसे हैदराबाद की तरफ मोड़ दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा में दिये गये अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मुख्य तौर पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जो संरचनात्मक विकास के मामले में पिछड़े हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में ₹2 लाख करोड़ का काम किया जा रहा है। अब तक लगभग 105 सुरंगों का निर्माण किया जा चुका है।
एशिया का सबसे लंबा ज़ोजिला सुरंग का निर्माण भी ₹5.5 हजार करोड़ की लागत से पूरा किया जा चुका है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के तर्ज पर कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) का गठना किया गया है।



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