शिमला में मौजूद जाखू हनुमान मंदिर प्रबंधन की तरफ से हनुमान जयंती से ठीक पहले कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ से मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की तरफ से उठायी जा रही थी। हालांकि मंदिर के जीर्णोद्धार से संबंधित कोई फैसला अभी तक नहीं लिया गया है लेकिन मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नया मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का फैसला लिया गया है।
इसके साथ ही हनुमान जी की प्रसिद्ध मूर्ति की मरम्मत करने का भी निर्णय लिया गया है। बताया जाता है कि हाल ही में मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई जिसमें इन दोनों के अलावा और भी कई फैसले लिये गये हैं।

बनेगा मल्टीलेवल पार्किंग
ETV Bharat की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछली रविवार को जाखू मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की बैठक हुई। जाखू मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और पर्यटक आते रहते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों में दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी शामिल होते हैं, जो अपनी या किराए पर ली गयी गाड़ियों से यहां तक आते हैं।
इस बैठक में फैसला लिया गया है कि पर्यटकों को अपनी गाड़ियों को मंदिर के आसपास के इलाके में रखने में कोई समस्या न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए ही मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का फैसला लिया गया है। बताया जाता है कि इस पार्किंग का निर्माण लगभग ₹55 लाख से की जाएगी, जो मंदिर ट्रस्ट ही देगी। पार्किंग के लिए जमीन का चुनाव नगर निगम ने पहले ही कर लिया है।
हनुमान जी की मूर्ति की होगी मरम्मत
जाखू मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले कुछ समय से काफी वृद्धि हो रही है। इसलिए मंदिर ट्रस्ट की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि जल्द ही मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नया जूता घर बनाया जाएगा।
इसके साथ ही शिमला में टका बेंच से जाखू मंदिर तक सड़क को भी चौड़ा करने का फैसला इस बैठक में लिया गया है। बताया जाता है कि जाखू मंदिर में स्थापित 108 फीट ऊंची भगवान हनुमान की मूर्ति, जो आज शिमला की नई पहचान बन चुका है, में कुछ दरारें आ गयी हैं। मूर्ति की मरम्मत करने के साथ ही उन दरारों को भी भरने का भी निर्णय इस बैठक में लिया गया है।
बता दें, जाखू मंदिर में भगवान हनुमान की इस मूर्ति की स्थापना बॉलीवुड के मेगा स्टार अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता नंदा और उनके पति अखिल नंदा ने करवायी थी।
ऐतिहासिक महत्व है इस मंदिर का
जाखू हनुमान मंदिर रामायण काल से जुड़ा हुआ एक स्थान है। मान्यताओं के अनुसार जब मूर्छित पड़े लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी लाने के लिए हनुमान जी और उनके साथी जा रहे थे, तब वे इस स्थान पर रुके थे। कहा जाता है कि यहां हनुमान जी के पैरों के निशान भी मौजूद हैं। कुछ देर विश्राम करने के बाद अपने बाकी साथियों को यहीं पर छोड़कर हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में उड़ गये थे।
इस स्थान पर ऋषि यक्ष के साथ उनकी मुलाकात भी हुई थी। कहा जाता है कि यहां ऋषि यक्ष ने ही सबसे पहले मंदिर का निर्माण करवाया था। उनके यक्ष नाम से ही पहले याकू और फिर याकू से मंदिर का नाम जाखू हो गया, जो आज इसी नाम से पूरे विश्व में लोकप्रिय है।



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