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मलमास में महाकाल के दर्शन से वंचित रह जाएंगे भक्त, जाने क्यों?

शिवभक्तों का सबसे पावन महीना श्रावण की शुरुआत बस होने ही वाली है। इस साल दो श्रावण यानी मलमास/अधिमास होने के कारण महादेव अपने भक्तों से एक नहीं बल्कि 2 महीनों तक मिलेंगे। लेकिन इन्हीं दो महीनों के दौरान उज्जैन के महाकालेश्वर महादेव अपने भक्तों को दर्शन नहीं देने वाले हैं।

mahakal temple

अधिमास के दौरान मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थापित महाकाल ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में भक्तों के प्रवेश पर निषेधाज्ञा जारी की गयी है। यह निर्णय मंदिर प्रशासन ने लिया है।

750 रुपये की रसीद वाली दर्शन व्यवस्था बंद

2 महीनों के लिए भगवान महाकाल के गर्भगृह में आम, खास, वीआईपी सभी प्रकार के भक्तों का प्रवेश बंद रहेगा। यानी अगर आप श्रावण माह के दौरान 750 रुपये की रसीद कटवाकर मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो इस बार श्रावण में महाकाल के दर्शन नहीं हो सकेंगे। महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश 4 जुलाई से लेकर लगभग 11 सितंबर तक बंद रखा जाएगा। इसका अर्थ हुआ कि दोनों श्रावण माह के दौरान ही भक्त महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

mahakal mandir

स्थानीय लोगों आधार कार्ड दिखाकर कर सकेंगे प्रवेश

मंदिर प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सौगात दी है। स्थानीय निवासी अपना आधार कार्ड दिखाकर महाकाल मंदिर के अलग द्वार से प्रवेश कर सकेंगे। 11 जुलाई से स्थानीय लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उन्हें सिर्फ एक बार ही अपना आधार कार्ड लेकर मंदिर जाना होगा और अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवा लेना होगा।

इसके बाद गेट नंबर 1 से स्थानीय लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की सुविधा दी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाकाल का लड्डु प्रसाद भी अब महंगा मिलने वाला है। अब तक यह लड्डु प्रसाद 360 रुपये किलो की दर से मिल रहा था लेकिन श्रावण माह से भक्तों को लड्डु प्रसाद 400 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदना पड़ेगा।

बड़े दानदाताओं के लिए विशेष सुविधा

mahakal bhasma arti

मिली जानकारी के अनुसार महाकाल मंदिर प्रबंधन ने बड़े दानदाताओं जैसे 50 लाख, एक करोड़ या 5 करोड़ रुपयों का दान देने वाले भक्तों को विशेष सुविधा देने की योजना बनायी है। हालांकि इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिर प्रबंधन ऐसे दानदाताओं को विशेष भस्म आरती देखने की सुविधा और विशेष मौकों पर नंदी हॉल में प्रवेश करने की विशेष सुविधा देने पर विचार-विमर्श कर रही है।

ज्योतिर्लिंग में बन रहा है छेद

आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) की रिपोर्ट के मुताबिक उज्जैन के महाकाल मंदिर में लगातार होने वाली भस्म आरती, भक्तों द्वारा ज्योतिर्लिंग को छुने और रगड़ने की वजह से भगवान महाकाल के शिवलिंग का आकार तेजी से छोटा होता जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, शिवलिंग में गड्ढे भी बन गये हैं जिनका आकार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से ASI और GSI ने महाकाल मंदिर के गर्भगृह में भक्तों के प्रवेश को बंद करने की सिफारिश की है।

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