1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तिय वर्ष 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया। हालांकि इस बार के बजट में न तो किसी पर बोझ बढ़ाया गया और न ही किसी को कोई राहत देने वाला है। बजट में दूसरे क्षेत्रों के साथ ही खास तौर पर पर्यटन क्षेत्र का भी उल्लेख वित्त मंत्री ने किया।

इसके अलावा अपने बजट भाषण में उन्होंने भारतीय रेलवे को लेकर भी उन्होंने अपनी कई योजनाओं के बारे में बात की। पिछले कुछ दिनों में भारत में पर्यटन विभाग काफी अधिक विकासित हुआ है। सामान्य पर्यटन के साथ-साथ भारत में अध्यात्मिक पर्यटन भी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। वित्त मंत्री ने इसका उल्लेख अपने बजट भाषण में भी किया।
भारतीय रेलवे यात्रियों के अनुभव को और भी बेहतर बनाने के लिए 40,000 सामान्य रेलवे कोच को वंदे भारत के कोच की तरह ही बनाने का फैसला लिया है। इससे न सिर्फ भारत में रेलवे का आधुनिकीकरण होगा बल्कि यात्री भी बेहतर यात्रा अनुभव के साथ अपने सफर का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ-साथ रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर सकेगी। वंदे भारत कोच में आम कोचों को परिवर्तित करने से यात्रा का समय घटेगा जिससे कम समय में अधिक यात्री यात्रा कर सकेंगे। इसका असर देश की वित्तिय अवस्था पर भी होगा।

अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि 25,000 किमी से अधिक नयी पटरियां बिछाने के साथ ही भारत रेलवे में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करने के कगार पर है। बाद में, राष्ट्रपति मुर्मू ने सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरुआत और देश भर में वंदे भारत ट्रेनों को व्यापक रूप से अपनाने की भी सराहना की। अमृत भारत परियोजनाओं के तहत करीब 1300 रेलवे स्टेशनों को स्मार्ट रेलवे स्टेशन में परिवर्तित किया जा रहा है। इन सभी स्टेशनों को बेहतर बनाने के साथ-साथ यात्री सुविधाओं को भी बेहतर किया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों को टिकट में काफी रियायत भी दी जा रही है।

भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने बड़े शहरों में मेट्रो रेल और नमो भारत सेवाओं का विस्तार करने की घोषणा भी अपने बजट भाषण में की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत के मध्यम वर्ग का विस्तार होगा, आबादी की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवहन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निर्मला सीतारमण ने टियर 2 और टियर 3 शहरों को विमान के माध्यम से बड़े शहरों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि ई-वाहनों व ई-बसों का सार्वजनिक परिवहन के लिए अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में एक बार फिर से लक्षद्वीप का मुद्दा उठाया और कहा कि लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नयी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग भी आज पर्यटन में दिलचस्पी लेने लगा है। लोग बाहर घूमने-फिरने जाना पसंद कर रहे हैं। राज्यों को पर्यटन के लिए विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। डिजीटल इंडिया के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि राज्यों को पर्यटन क्षेत्रों की ब्रांडिंग के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।



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