आज यानी 12 मई की सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उत्तराखंड के चमोली में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिये गये। इसके साथ ही चार धाम की यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गयी। मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही बद्रीनाथ धाम परिसर बद्री-विशाल के जयकारे से गुंज उठा।
रविवार, 12 मई को बद्रीनाथ धाम में हल्की बारिश हो रही थी। बारिश के बीच ही आर्मी के बैंड और ढोल-नगाड़ों की धुन पर स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी खुशी का इजहार किया। इस मौके पर बद्रीनाथ धाम परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

लगभग 6 महीने बाद मंदिर के कपाट के खुलने के बाद अखंड ज्योति के दर्शन करने के लिए तीर्थ यात्रियों में भारी उत्साह देखा गया। बद्रीनाथ धाम के कपाट को पिछले साल 18 मई को शीतकाल के लिए बंद कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मंदिर के कपाट खुलने के पहले दिन बद्रीनाथ धाम परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखने लायक थी। इससे पहले 10 मई को अक्षय तृतीया के दिन केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल चुके हैं और आम श्रद्धालु अपने आराध्य देव-देवी के दर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट खुलने से पहले मंदिर परिसर को फूलों से अच्छी तरह से सजाया गया। बताया जाता है कि कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर परिसर को करीब 15 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले मुख्य पुजारी ने गर्भगृह में प्रवेश किया और वहां विराजमान माता लक्ष्मी के विग्रहों को परिक्रमा स्थल स्थित लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम को ही बद्रीविशाल के दर्शन करने के लिए 5 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके थे। वहीं करीब 15 हजार से अधिक तीर्थ यात्री विभिन्न पड़ावों पर मौजूद हैं, जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

उत्तराखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट
अक्षय तृतीया के दिन केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद अब बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिये गये हैं। इसके साथ ही चार धाम की यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गयी। वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में 15 मई तक गरज के साथ तेज बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस बाबत उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने मीडिया से हुई बातचीत के दौरान बताया कि 11 मई से 13 मई तक राज्य में बारिश होगी।
उन्होंने चार धाम की यात्रा पर आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान यात्रा न करें। रास्ते में अगर बारिश होने लगती है तो वे अपनी यात्रा को रोक दें और जब बारिश रुक जाए, उसके बाद अपनी यात्रा को फिर से शुरू करें। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में 11 से 13 मई तक बारिश होने की संभावना है, जिससे उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग भी बुझ सकती है।

बताया जाता है कि बारिश की वजह से उत्तराखंड के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इसलिए चार धाम की यात्रा पर जानेवाले लोग अपने साथ गर्म कपड़े जैसे थर्मल्स, स्वेटर, जैकेट्स, वाटरप्रुफ या रेनकोट और शॉल आदि लेकर जाएं। इसके साथ ही रेन गियर, वॉटरप्रूफ बैग आदि का इस्तेमाल जरूर करें।



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