10 मई से केदारनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। बद्रीनाथ के कपाट 12 मई को खुलेंगे। प्रशासन की तरफ से चार धाम की यात्रा से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।
यात्रा के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और केदारनाथ धाम के लिए हेलीकाप्टर यात्रा की बुकिंग भी हो रही है। ऐसे समय में श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आयी है।

मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड राज्य प्रशासन ने चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या को निर्धारित कर दिया है। यानी एक दिन में चारों धाम में कितने श्रद्धालु प्रवेश करेंगे उसे अभी से ही तय कर दिया गया है। तय संख्या से ज्यादा श्रद्धालुओं को एक दिन में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री अथवा यमुनोत्री में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पर एक दिन में कितने श्रद्धालुओं को चार धाम में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी?
मीडिया रिपोर्ट्स में उत्तराखंड के पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे के हवाले से बताया जाता है कि अभी तक उत्तराखंड चार धाम यात्रा के लिए 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। बताया जाता है कि पिछले साल चार धाम की यात्रा पर लगभग 55 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। लेकिन इस बार अभी से ही रजिस्ट्रेशन की संख्या को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है यह पिछले साल के मुकाबले बढ़ भी सकता है।
बताया जाता है कि इतनी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के चार धाम में पहुंचने पर वहां की व्यवस्थाएं बिगड़ गयी थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस बार एक दिन में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को निर्धारित कर दिया गया है।
एक दिन में कितने श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन?

बताया जाता है कि एक दिन में अधिकतम 51 हजार श्रद्धालु चार धाम के दर्शन कर सकेंगे। पिछले साल एक दिन में 60 हजार से अधिक श्रद्धालु चार धाम के दर्शन करने पहुंच रहे थे जिस वजह से पूरी व्यवस्था की बिगड़ गयी थी। अलग-अलग धामों में एक दिन में कितने श्रद्धालु करेंगे दर्शन -
| केदारनाथ | 15 हजार |
| बद्रीनाथ | 16 हजार |
| गंगोत्री | 11 हजार |
| यमुनोत्री | 11 हजार |
यूं तय होगी भक्तों की संख्या
एक दिन में 51 हजार श्रद्धालुओं से अधिक श्रद्धालुओं को चार धाम की यात्रा पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संख्या को बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों पर रोकने की व्यवस्था की जाएगी। बताया जाता है कि अगर कोई श्रद्धालु श्रीनगर से बद्रीनाथ जाना चाहता है और बद्रीनाथ में भक्तों की संख्या 16 हजार पूरी हो गयी है तो उसे रात को श्रीनगर में ही रोक दिया जाएगा। उस श्रद्धालु को अगले दिन आगे बढ़ने दिया जाएगा। कुछ ऐसी ही व्यवस्था रुद्रप्रयाग, चमोली, पीपलकोटी और जोशीमठ में भी होगा। केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को भी श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ और गौरीकुंड में रोका जाएगा।
नये आस्था मार्ग से पहुंचेंगे बद्रीनाथ
बद्रीनाथ और केदारनाथ के यात्रा मार्ग में विकास कार्य किये जा रहे हैं। इस वजह से बद्रीनाथ पहुंचने के आस्था पथ में बदलाव किया गया है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए साकेत तिराहे से अलकनंदा किनारे होते हुए करीब 100 मीटर का नया रास्ता बनाया जा रहा है। इस रास्ते को अंतिम रूप नगर पंचायत बद्रीनाथ की ओर से दिया जा रहा है। इसके साथ ही बामणी गांव से बद्रीनाथ धाम पहुंचने के लिए भी करीब 300 मीटर के नये रास्ते का निर्माण किया जा रहा है।



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