अक्षय तृतीया के पवित्र दिन द्वादश ज्योतिर्लिंग और पंच केदार में से एक बाबा केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गये। सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर पूरे विधि विधान और परंपरागत रूप से मंदिर के कपाट खोल दिये गये। इस मौके पर मुख्य मंदिर परिसर को करीब 24 क्विंटल फूलों से सजाया गया था।
कपाट खोलने के शुभ मुहूर्त पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग व प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मंदिर परिसर में हजारों की संख्या श्रद्धालु उपस्थित थे, जिनके द्वारा किये गये 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से केदारनाथ धाम परिसर गुंज उठा।

10 मई की सुबह सबसे पहले प्रशासन की उपस्थिति में मंदिर के मुख्य द्वार का ताला खोला गया और उसके बाद गर्भगृह को खोल दिया गया। सबसे पहले रावल और मुख्य पुजारी ने बाबा केदार की पूजा-अर्चना की और उसके बाद आम श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किये। मिली जानकारी के अनुसार पहले दिन शाम 5 बजे तक केदारनाथ धाम दर्शन के लिए लगातार खुला रहेगा।
11 मई को केदारनाथ के रक्षक देवता भैरवनाथ के कपाट खोले जाएंगे जिसके बाद केदारनाथ मंदिर में बाबा केदार की आरती और भोग-प्रसाद की व्यवस्था शुरू होगी। अक्षय तृतीया के दिन केदारनाथ धाम के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री के भी कपाट खोल दिये गये। इसके साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा भी शुरू हो गयी है।

9 मई की शाम को बाबा केदारनाथ के भव्य भोग-मूर्ति चल-विग्रह डोली केदारनाथ धाम पहुंची थी। इस दौरान डोली के साथ सेना की बैंड भी मौजूद थी। 6 मई को ऊखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर से केदारनाथ धाम के लिए चल-विग्रह डोली रवाना हुई थी। कई पड़ावों पर रुकने के बाद 9 मई को डोली केदारनाथ धाम पहुंची थी।
कपाट खुलने के बाद पहले दिन बाबा केदार के दर्शन करने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचे थे। वह सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर केदारनाथ के वीवीआईपी हेलीपैड पहुंचे थे। अब 12 मई को चार धाम में से सबसे आखिरी बद्रीविशाल के धाम बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिये जाएंगे।

बद्रीनाथ धाम में टोकन सिस्टम
12 मई को सुबह 6 बजे विधिवत रूप से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिये जा रहे हैं। बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए इस साल टोकन सिस्टम लागू किया गया है। बताया जाता है कि जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को टोकन वितरित की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। इससे तीर्थयात्रियों को सुगमता से दर्शन हो सकेगा।
बताया जाता है कि क्यू मैनेजमेंट सिस्टम के तहत बद्रीनाथ धाम में पहुंचने पर तीर्थयात्रियों को पर्यटन विभाग के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर अपना रजिस्ट्रेशन पत्र दिखाना होगा। इसके बाद उनके रजिस्ट्रेशन नंबर को क्यूआर कोड से स्कैन करने के बाद तीर्थ यात्रियों को टोकन दिया जाएगा, जिसमें बद्रीनाथ धाम में दर्शन का समय अंकित रहेगा। उसके आधार पर ही श्रद्धालुओं को भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर सकेंगे।



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