अक्षय तृतीया के मौके पर देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत रूप से खुल चुके हैं और बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खोल दिये जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक चार धाम यात्रा के लिए 22 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है।
वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। बाबा केदार हो या बद्रीविशाल अथवा गंगोत्री-यमुनोत्री सभी धामों के दर्शन करने जाने वाले तीर्थ यात्रियों की यात्रा सुगम और सुव्यवस्थित ढंग से पूरी हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए उत्तरकाशी पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।

आइए जान लेते हैं चारों धाम के लिए उत्तरकाशी पुलिस ने क्या ट्रैफिक एडवाइजरी और नियम बनाएं हैं -
- ऋषिकेश से गंगोत्री धाम - गंगोत्री धाम के लिए जो श्रद्धालु अपनी यात्रा ऋषिकेश से शुरू करने वाले हैं वे नरेंद्रनगर, चंबा, धारसु बंद, उत्तरकाशी, गंगोत्री, भाटवड़ी और हर्षिल के रास्ते गंगोत्री धाम तक पहुंचेंगे।
- ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम - ऋषिकेश से यमुनोत्री धाम के लिए अपनी यात्रा शुरू करने वाले तीर्थ यात्री नरेंद्रनगर, चंबा, धारसु बंद के रास्ते आगे बढ़ेंगे। यमुनोत्री धाम, जानकीचट्टी तक पहुंचने के लिए तीर्थ यात्री ब्रह्मखाल, राडी टॉप और दोबाटा से होकर गुजरेंगे।
- देहरादून से यमुनोत्री धाम - तीर्थ यात्रियों के लिए देहरादुन से भी यमुनोत्री धाम जानकीचट्टी तक का वैकल्पिक रास्ता है। इस रास्ते से आगे बढ़ने वाले श्रद्धालुओं को देहरादुन से दामता, नौगांव, बारकोट और दोबाटा होकर जानकीचट्टी तक का रास्ता तय करना होगा।
- यमुनोत्री धाम से गंगोत्री धाम - चार धाम की यात्रा में यमुनोत्री धाम से गंगोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को जानकीचट्टी से दोबाटा, राडी टॉप और ब्रह्मखाल के रास्ते आगे बढ़ना होगा। इसके बाद वे धारसु बंद में मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे और उत्तरकाशी, गंगोत्री, भातवाडी व हर्षिल होते हुए गंगोत्री तक का सफर तय कर सकेंगे।
- गंगोत्री से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम - चार धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालु जो गंगोत्री से आगे केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले हैं, उन्हें श्रीनगर पहुंचने से पहले हर्षिल, भाटवाडी, गंगोत्री, तेखला, मंडु, मानपुर, चौरंगी से लंबगांव के रूट से गुजरना होगा।
- गंगोत्री से ऋषिकेश के बीच महत्वपूर्ण डायवर्जन - हर्षिल, भाटवाडी, गंगोत्री और तेखला ब्रिज के रास्ते गंगोत्री से ऋषिकेश लौट रहे यात्रियों को जाम की परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए उन्हें मंडु, जोशीयादा, मनेरा, बडेथी, मतली और धारसु के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
- शहरों इलाकों में सुबह 9 से रात को 9 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
केदारनाथ धाम में चल रही हड़ताल

अपनी मांगों के समर्थन में केदारनाथ धाम में दुकानदारों व होटल व्यवसायियों की हड़ताल चल रही है। इस वजह से केदारनाथ धाम में न तो खाने-पीने के होटल या दुकानें और न ही ठहरने के लिए कोई होटल खुला है। केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों को हमारी सलाह है कि वे चढ़ाई करने से पहले अपनी जरूरत का सारा सामान जैसे खाने-पीने की चीजें, सुखे मेवे, सुखा भोजन, पानी की बोतल से लेकर रात गुजारने के लिए टेंट या प्लास्टिक की शीट अपने साथ लेकर जरूर जाएं।
ऐसा न करने से संभव है कि केदारनाथ धाम पहुंचने पर आपको रुकने या खाने की समस्या हो सकती है। हां, चढ़ाई करते समय जरूरत से ज्यादा सामान लेकर चढ़ाई करने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसा करना आपके खुद के लिए और यात्रा के दौरान आपके साथ चढ़ाई करने वाले सहयात्रियों के लिए भी मुसीबत का कारण बन सकता है।



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