कल यानी 27 नवंबर को वाराणसी में देव दीपावली मनायी जाएगी। वाराणसी के सभी 84 गंगा के घाटों को मिट्टी के दीयों से सजाया जाएगा। इस साल देव दीपावली पर महादेव की नगरी काशी में करीब 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। अगर इस भीड़ में आप भी इस साल शामिल होने वाले हैं और काशी की इस अद्भुत दिवाली में पहली बार शामिल होने वाले हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है।

इस आर्टिकल में हम आपको देव दीपावली का साक्षी बनने के लिए बेस्ट घाट, घाटों पर पहुंचने का सही समय, ट्रैफिक की व्यवस्था से लेकर उन जगहों के बारे में भी बताने वाले हैं जहां आप विशाल स्क्रीन के जरिए देव दीपावली की भव्यता के साक्षी बन सकते हैं।
बता दें, इस साल 70 देशों के राजनायिक देव दीपावली के मौके पर क्रुज पर चढ़कर इसके साक्षी बनेंगे। इस साल लगभग 12 लाख मिट्टी के दीयों से अर्द्धचंद्राकार घाटों को जगमगाया जाएगा। बताया जाता है कि इसमें से करीब 1 लाख दीये गाय के गोबर से बने होंगे।
कौन सा घाट होगा बेस्ट
सबसे पहले बात करते हैं, देव दीपावली का साक्षी बनने के लिए कौन सा घाट बेस्ट होगा। देव दीपावली बनारस के सभी 84 गंगा घाटों पर ही मनायी जाएगी। नमो घाट को केवल VVIP के लिए आरक्षित रखा गया है। वहां आम लोग इस समय प्रवेश नहीं कर सकते हैं। लेकिन वाराणसी के अन्य प्रमुख घाट जैसे दशाश्वमेघ घाट, अस्सी घाट के बजाए देव दीपावली की भव्यता का साक्षी बनने के लिए बेस्ट होता है पंचगंगा घाट।

अगर आप सोशल मीडिया पर कंटेट क्रिएटर हैं या पहली बार देव दीपावली में शामिल होने के लिए बनारस पहुंचे हैं तो पंचगंगा घाट पर ही आपको इसे अनुभव करना चाहिए। कहा जाता है कि इसी घाट से देव दीपावली की शुरुआत भी हुई थी। पंचगंगा घाट का निर्माण ऋषि भृगु ने महाभारत काल में करवाया था।
कब है मुहूर्त और कब पहुंचे घाटों पर
कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपवली (दिवाली से ठीक 15 दिन बाद) मनाया जाता है। इस साल देव दीपावली की तिथि 26 नवंबर को 15:53 बजे से शुरू होगी जो 27 नवंबर को 14:45 बजे खत्म होगी। घाटों पर मिट्टी के दीयों को जलाने की तैयारी शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगी और शाम को 5 बजे से दीयों को जलाना शुरू हो जाएगा। गंगा के घाटों पर देव दीपावली को रात को करीब 9 बजे तक मनायी जाएगी।

अगर आप देव दीपावली के समय गंगा के घाटों पर मौजूद रहना चाहते हैं तो कम से कम दोपहर को 2 बजे तक आपको घाटों पर पहुंच जाना होगा। ध्यान रहे, इस दिन घाटों पर अत्यधिक भीड़ होगी। इसलिए आप जितनी जल्दी घाटों पर पहुंचेंगे आपको देखने और बैठने के लिए उतनी अच्छी जगह मिल सकेगी।
क्या होगी ट्रैफिक व्यवस्था

पैडल रिक्शा के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र
- बेनिया से रामापुरा से गोदैलिया।
- लक्सा से रामापुरा से गोदौलिया।
- सोनारपुरा से गोदौलिया।
- गोदौलिया से मैदागिन और मैदागिन से गोदौलिया।
- पियरी चौकी से बेनिया तिराहा।
- होटल ब्राडवे से सोनारपुरा से मदनपुरा से गोदौलिया।
- सूजाबाद से राजघाट से भदऊचुंगी तक।
- चौक चौराहा, रामनगर से सामने घाट पुल से लंका तक।
- विपिन बिहारी इंटर कॉलेज से रामापुरा चौराहे तक।
वीआईपी के लिए वाहन पार्किंग व्यवस्था

विधायकों, पुलिस अफसरों के वाहन और स्कॉर्ट वाहन पुलिस लाइन तिराहा, संकुल भवन, चौकाघाट, लकड़मंडी, गोलगड्डा, भदऊचुंगी होते हुए पानी टंकी के नीचे रेलवे के खाली मैदान में खड़े होंगे। मुख्यमंत्री, केंद्र व प्रदेश सरकार के मंत्री, विदेशी राजदूतों का काफिला नमो घाट स्थित पार्किंग में खड़े होंगे।
आम जनता की दोपहिया/चारपहिया वाहन के लिए पार्किंग का समय
- गोदौलिया मल्टी स्टोरी पार्किंग (दोपहर 3 बजे तक दोपहिया वाहन)।
- बेनियाबाग पार्किंग (दोपहर 3 बजे तक 2/4 पहिया वाहन)।
- जयनारायण इंटर कॉलेज पार्किंग (2/4 पहिया वाहन)।
- सामने घाट से बाएं सनबीम स्कूल के बगल में पार्किंग (2/4 पहिया वाहन)।
- सनातन धर्म इंटर कॉलेज रामापुरा पार्किंग (2 पहिया वाहन)।
- सीएचएस स्कूल, कमच्छा में पार्किंग (2/4 पहिया वाहन)।
कहां-कहां लगे हैं विशाल स्क्रीन
यदि आप घाटों पर नहीं पहुंच पाते हैं और गंगा आरती के साथ देव दीपावली में शामिल होने से वंचित रह जाते हैं तो प्रशासन आपके लिए देव दीपावली देखने का खास प्रबंध कर रही है। काशी में 6 प्रमुख स्थानों पर बड़ी स्क्रीन पर देव दीपावली और गंगा की महाआरती देखने का प्रबंध किया गया है।
ये जगहें हैं :-
- अस्सी घाट
- दशाश्वमेध घाट
- राजेंद्र प्रसाद घाट
- राजघाट
- गोदौलिया मल्टी लेवल पार्किंग
- वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन



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