श्रीनगर में डल झील के किनारे स्थित ट्यूलिप गार्डन जो एशिया का सबसे विशाल ट्यूलिप के फूलों का बागिचा है, कश्मीर के मूल आकर्षणों में से एक है। हर साल मार्च के महीने में इस गार्डन को खोल दिया जाता है, जो अगले 1 महीने से ज्यादा समय तक खुला रहता है।
इस साल श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन के खुलने के संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है लेकिन गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए इस गार्डन से जुड़े अधिकारियों ने कब से इसे खोला जाएगा, इसके संबंध में जानकारी जरूर दी है।

श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन, जिसे पहले सिराज बाग के नाम से भी जाना जाता था, में ट्यूलिप के फूलों का खिलना शुरू हो चुका है। गुरुवार को इस बात की पुष्टि फ्लोरीकल्चर विभाग के अधिकारी आसिफ अहमद ने की। उन्होंने कहा कि ट्यूलिप गार्डन में एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से ट्यूलिप के बल्ब को बोया जाता है ताकि गार्डन में 1 महीना या उससे भी अधिक समय तक ट्यूलिप के फूल खिले रहे। उन्होंने बताया कि इस साल ट्यूलिप गार्डन को खोलने की तैयारियां जोरशोर से चल रही है। आने वाले कुछ दिनों के अंदर ही ट्यूलिप गार्डन को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
उक्त अधिकारी का कहना है कि ट्यूलिप गार्डन से जुड़े सभी कर्मी इसे खोलने से पहले अंतिम रूप देने और सजाने-संवारने में व्यस्त हैं। आसिफ का कहना है कि इस साल दो नए रंगों वाले ट्यूलिप के फूलों को बागिचे में खिलाया गया है। इसके साथ ही इस साल कुल 74 प्रजातियों के ट्यूलिप के फूल पर्यटक देख सकेंगे। इसके साथ ही वसंत के दूसरे फूल जैसे डैफोडिल्स, चेरी ब्लॉसम व अन्य भी गार्डन में देख सकेंगे। इस साल 55 हेक्टेयर के क्षेत्र में लगभग 1.7 मिलियन ट्यूलिप के बल्ब को रोपा गया है। बताया जाता है कि यह गार्डन अपनी पूरी क्षमता पर पहुंच चुका है।

हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया है कि ट्यूलिप गार्डन कब से खुलेगा लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में किये जा रहे दावों के अनुसार 23 मार्च के आसपास इस गार्डन को पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है।
गौरतलब है कि साल 2007 में तत्कालिन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन का निर्माण करवाया था, जो देखते ही देखते पर्यटकों के आकर्षण का केंद्रबिन्दु बन गया। इसकी शुरुआत महज 50,000 ट्यूलिप के बल्ब से हुई थी, जिन्हें हॉलैंड से मंगाया गया था। आसिफ अहमद का कहना है कि पिछले साल ट्यूलिप गार्डन 25 से 30 दिनों तक ही खुला था, लेकिन इसके बावजूद 4.65 लाख देसी और विदेशी पर्यटक श्रीनगर के इस शानदार गार्डन में ट्यूलिप के फूलों को देखने पहुंचे थे। इस साल भी उम्मीद की जा रही है कि पर्यटकों की संख्या पिछले साल की तुलना में ज्यादा होगी।



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