देवभूमी उत्तराखंड गुरुवार (27 अप्रैल 2023) की सुबह भगवान बद्रीनाथ के जयकारों से गूंज उठा। बड़े ही धूम-धाम के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट को भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। इसके साथ ही चार धाम की यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो गयी।

15 टन फूलों से सजाया गया मंदिर
27 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम मंदिर के कपाट को भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस मौके पर मंदिर परिसर को 15 टन से ज्यादा फूलों से सजाया गया था। कपाट खुलने से पहले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मंदिर परिसर में पहुंच गये। मंदिर के कपाट को सुबह 7.10 बजे भक्तों के लिए खोल दिया गया।

इस मौके पर टिहरी के राजा के प्रतिनिधि के तौर पर माधव प्रसाद नौटियाल भी मौजूद रहे। कपाट खुलने के समय करीब 20 हजार तीर्थयात्री मौजूद रहे। कपाट खुलने के बाद सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर में पूजा अर्चना की गयी।
शुरू हो चुकी है चारधाम यात्रा
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। बद्रीनाथ उत्तराखंड में स्थित चारधाम, गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ का हिस्सा है। पुराणों के अनुसार भगवान बद्रीनाथ की मूर्ति आदि श्री शंकराचार्य को नारद कुंड में मिली थी।

इस मंदिर को 8वीं शताब्दी में फिर से स्थापित किया गया। बद्रीनाथ धाम पंचबद्री, योग ध्यान बद्री, भविष्य बद्री, आदि बद्री, वृद्ध बद्री और बद्रीनाथ का भी एक हिस्सा है जो बद्रीनाथ शहर में ही स्थित है। बद्रीनाथ के कपाट खुलने के बाद भक्तों में उत्साह और आनंद देखते ही बन रही थी।
कैसे पहुंचे बद्रीनाथ
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 से गाजियाबाद और दूसरे शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। बद्रीनाथ का नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जो बद्रीनाथ से 295 किमी दूर है। ऋषिकेश से बद्रीनाथ तक की सड़कें काफी अच्छी हैं। आपको ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम तक के लिए टैक्सी और प्राईवेट गाड़ियां भी आसानी से मिल जाएगी।

बद्रीनाथ का निकटवर्ती एयरपोर्ट देहरादून एयरपोर्ट है, जो 314 किमी दूर है। देहरादून से बद्रीनाथ के लिए आप प्राईवेट गाड़ियां ले सकते हैं।



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