खुल गया है ज़ोजीला पास। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने श्रीनगर से लद्दाख जाने के इस प्रमुख मार्ग को खोल दिया है। बर्फ से ढंका रहने वाला ज़ोजीला पास इस साल 35 दिनों बाद खुला है जबकि इसे पिछले साल 68 दिनों तक बंद रखना पड़ा था।
पिछले साल के मुकाबले इस साल ज़ोजीला पास का लगभग 1 महीना पहले खुल जाना भारत के पहाड़ी सड़कों के निर्माण में बढ़ती महारत को दर्शाता है। इससे सीमा रक्षा और सीमांत क्षेत्रों में लोगों को निश्चित रूप से काफी फायदा होगा।

जम्मु-कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने में 439 किमी लंबी श्रीनगर-लेह रोड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी रास्ते पर श्रीनगर से लगभग 100 किमी दूर समुद्रतल से 11,540 फीट की ऊंचाई पर मौजूद ज़ोजीला पास हर साल सर्दियों के मौसम में लगभग 160-180 दिनों तक बंद रखना पड़ता था।
इस क्षेत्र में होने वाली भारी बर्फबारी के कारण ही ज़ोजीला पास को बंद रखना पड़ता था। लेकिन हाल के सालों में सरकार ने बॉर्डर सुरक्षा की तरफ अधिक ध्यान दिया, जिस कारण आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से बर्फ को जल्दी हटाया जा सका है।
पिछले साल 23 दिसंबर के आसपास इसे बंद कर दिया गया था, जिसके तुरंत बाद इसे फिर से खोल दिया गया। इसी तरह, 25 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ की एक श्रृंखला की वजह से हुई भारी बर्फबारी के कारण यातायात को एक बार फिर से बंद करना पड़ा था। इस रास्ते पर जल्द से जल्द यातायात को बहाल करने की जरूरत मई 2020 में चीनी सेना के साथ गलवान सीमा पर झड़प के बाद अधिक बढ़ गयी है, क्योंकि यह भारत की सीमा सुरक्षा से संबंधित मामला है।

इसके अलावा, ज़ोजीला पास को फिर से खोलने से आम नागरिकों और उनके लिए आवश्यक आपूर्ति को बहाल रखने में सुविधा होती है। भारी बर्फबारी और सड़क बंद होने के दौरान इस क्षेत्र में फंसे पर्यटकों को भी अब महंगी उड़ानों से घर वापस नहीं लौटना पड़ेगा बल्कि वे सड़क मार्ग का आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं, जो विमान के मुकाबले काफी अधिक किफायती भी होगा।



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