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इन गर्मियों बनाएं कुमाऊं के इन खास हिल स्टेशन का प्लान

देवभूमि उत्तराखंड मुख्य दो भागों में विभक्त है एक गढ़वाल और दूसरा कुमाऊं मंडल। गढ़वाल के अंतर्गत राज्य के 7 बड़े जिले शामिल हैं जबकि कुमाऊं मंडल के अंतर्गत 6 जिले सम्मिलित हैं। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर ये वो जिले हैं जो उत्तराखंड के कुमांऊ को एक खूबसूरत भू-भाग बनाने के काम करते हैं। प्राकृतिक दृष्टि से कुमाऊं का पूरा क्षेत्र काफी ज्यादा मायने रखता है। हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियों से लेकर आप यहां पहाड़ी और वन्य जीवन को करीब से देख सकते हैं।

गर्मियों के दौरान कुमाऊं देश-दुनिया के सैलानियों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन जाता है। ऐतिहासिक तौर भी कुमाऊं काफी प्रसिद्ध माना जाता है। यहां कत्यूरी राजवंश का काफी लंबे समय तक शासन रहा है। इस खास लेख में जानिए इन गर्मियों आप कुमाऊं के कौन-कौन से खास हिल स्टेशन की सैर का प्लान बना सकते हैं।

रानीखेत

रानीखेत

PC- Mrneutrino

रानीखेत हिमालय के सबसे खूबसूरत भू-भाग में गिना जाता है। ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि कुमाऊं की रानी पद्मिनी को यह पहाड़ी स्थल काफी पसंद था। इसलिए राजा सुधार्देव ने रानी पद्मिनी ने लिए यहां एक महल का निर्माण करवाया और उसका नाम रखा रानीखेत।

हालांकि बदलते वक्त के साथ बनाया गया महल अपना अस्तित्व खो बैठा पर यह पहाड़ी स्थल ज्यों का त्यों रहा। लंबे समय तक अज्ञात रहे इस स्थल की पुन:खोज भारत में आए अंग्रेजों द्वारी की गई। अग्रेजों ने यहां जमीने खरीदकर इसे एक खूबसूरत हिल स्टेशन में तब्दील कर दिया। ये स्थान सैन्य भर्ती केंद्र और ग्रीष्मकालीन गंतव्य के रूप में अंग्रजों द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा।

21.76 वर्ग किमी के क्षेत्रफल के साथ 1,829 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रानीखेत आज सैलानियों के मध्य काफी लोकप्रिय माना जाता है। उत्तराखंड घूमने आए सैलानी यहां एक बार आने की तमन्ना जरूर रखते हैं। रानीखेत प्राकृतिक दृष्टि से एक खूबसूरत गंतव्य है जहां आप साल के किसी भी महीने भ्रमण के लिए आ सकते हैं।

कौसानी

कौसानी

PC- Suniljoc

कौसानी उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं मंडल का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने कभी इस स्थान को 'भारत का स्विट्जरलैंड' कहा था। समुद्र तल से 1890 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कौसानी बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों और मनोरम दृश्यों के साथ पूरे विश्व भर में जाना जाता है। यहां की पहाड़ी घाटियां विशेषकर सैलानियों को काफी ज्यादा प्रभावित करती हैं।

गर्मियों की छट्टियां बिताने के लिहाज कौसानी एक आदर्श गंतव्य है। आप यहां अपने परिवार और दोस्तों के साथ एक अच्छा टाइम स्पेंड कर सकते हैं। आप यहां के आसपास स्थित पर्यटन गंतव्यों की सैर का भी प्लान बना सकते हैं।

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लोहाघाट

लोहाघाट

PC- Aakash kharkwal

समुद्र तल से लगभग 1706 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लोहाघाट उत्तराखंड का एक छोटा खूबसूरत हिल स्टेशन है। पहाड़ी घाटियों और देवदार के जंगलों से घिरा यह स्थल शांतिपूर्ण अवकाश के लिए एक आदर्श विकल्प है। लोहाघाट अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए भी काभी ज्यादा विख्यात है।

यहां से सात किमी की दूरी पर स्थित वनसुर का किला अपने अंदर कई ऐतिहासिक रहस्य छुपाए बैठा है। लोहाघाट के आसपास पर्यटकों के घूमने लायक ढेर सारी जगहें मौजूद हैं। प्रकृति प्रेमियों के साथ इतिहास में महत्व रखने वाले इस स्थान की सैर का प्लान बना सकते हैं।

अल्मोड़ा

अल्मोड़ा

PC- Rajarshi MITRA

उत्तराखंड में कुमाऊं मंडल के अंतर्गत अल्मोड़ा अपनी संस्कृति, वन्य जीवन और पारंपरिक व्यजनों के लिए जाना जाता है। पहाड़ी पर बसा अल्मोड़ा शहर समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। चंद राजाओं के अधीन रहा अल्मोड़ा कभी राजापुर के नाम से जाना जाता था। चीड़ और देवदार के जंगलों से घिरे इस पहाड़ी स्थल का दौरा महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद भी कर चुके हैं।

नैनीताल और रानीखेत जैसे पड़ोसी हिल स्टेशनों के विपरित अल्मोड़ा कुमाऊंनी लोगों द्वारा बसाया गया था जबकि नैनीताल और रानीखेत अंग्रेजों द्वारा विकसित किए गए थे। अल्मोड़ा अपने कई पर्यटन गंतव्यों के साथ धार्मिक स्थलों के लिए काफी जाना जाता है। एक यादगार अवकाश के लिए आप अल्मोड़ा की यात्रा कर सकते हैं।

बेरीनाग

बेरीनाग

PC- Brindha.nagarajan

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में नैनीताल से 160 किमी दूर बेरीनाग एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। बेरीनाग पिथौरागढ़ के छह प्रशासनिक उपखंडों में भी शामिल है। बेरीनाग का नाम यहां स्थित बेरीनाग मंदिर के नाम पर पड़ा है। यह नाग देवता को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है जो बेरीनाग की पहाड़ियों पर बसा है। बेरीनाग स्थल हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के अद्भुत दृश्यों को देखने का सुनहरा मौका प्रदान करता है, खासकर आप यहां से नंदा देवी और पंचचुली चोटियों को आसानी से देख सकते हैं।

ब्रिटिश काल के दौरान यह स्थल कभी चाय के बागानों के लिए जाना जाता था। आज भी यहां उगाई जाने वाली बेरीनाग चाय की लंदन में काफी ज्यादा मांग है। प्राकृतिक खूबसूरती के लिहाज से यह एक घूमने लायक जगह है, जहां आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ एक यादगार समय बिता सकते हैं।

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