Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »भोपाल : जिसने भी देखी यह रहस्यमयी पार्टी जिंदा नहीं लौटा !

भोपाल : जिसने भी देखी यह रहस्यमयी पार्टी जिंदा नहीं लौटा !

मध्य प्रदेश के भोपाल शहर के चुनिंदा प्रेतवाधित स्थान। Four Most haunted places of Bhopal.

भोपाल मध्य प्रदेश का एक खूबसूरत राजधानी शहर है। यह शहर अपनी ऐतिहासिक विरासतों के लिए पूरी दूनिया में जाना जाता है। अतीत से जुड़े साक्ष्यों को देखने के लिए यहां रोजाना कई सैलानी देश-विदेश से आते हैं। यहां के प्राचीन भवनों की उत्कृष्ट वास्तुकला पर्यटकों को ज्यादा आकर्षित करती है। गोहर महल, शौकत महल, मोती मस्जिद, रानी कमलापति महल, भीमबेटका की गुफा, सांची स्तूफ, राइसेन फोर्ट आदि यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं।
लेकिन इन सब के अलावा यहां कुछ ऐसी भी जगहें मौजूद हैं, जो अपने डरावने अनुभव के लिए चर्चा में रहती हैं। इस शहर से कई अजीब और असाधारण कहानियां जुड़ी हैं। आइए जानते भोपाल स्थित उन स्थानों के बारे में जो अपने भुतहा अनुभवों के लिए जाने जाते हैं।

इंदिरा गांधी अस्पताल

इंदिरा गांधी अस्पताल

इंदिरा गांधी अस्पताल भोपाल की सबसे भयानक जगहों में से एक है। हालांकि, इसे शहर के सबसे लोकप्रिय और बेहतर अस्पतालों में भी गिना जाता है। यहां कई मरीजों ने अजबीगरीब घटनाओं की शिकायत की है। उनका मानना है कि यहां भूत-प्रेतों का साया मंडराता है।

भूत बंगला

भूत बंगला

भोपाल में शायद ही कोई ऐसा होगा जो इस भूत बंगले को न जानता हो। यह भोपाल में सबसे भयानक बंगलों में गिना जाता है। इस बंगले से जुड़े डरवाने किस्से किसी के भी होश उड़ा सकते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां भूत-प्रेतों का साया है।

डॉओ इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स

डॉओ इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स

डॉओ इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स भी भोपाल के चुनिंदा प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है। माना जाता है यहां भोपाल गैस त्रासदी में शिकार बने लोगों की आत्माएं भटकती है। भोपाल गैस त्रासदी भारत में अबतक की सबसे बड़े हादसों में गिना जाता है।

 गुना की चर्च

गुना की चर्च

शिवपुरी का किला

शिवपुरी का किला

मध्य प्रदेश स्थित इस प्राचीन किले का निर्माण लगभग 2100 वर्ष पहले वीर खंडेराव ने करवाया था। लेकिन यह अपने इतिहास से ज्यादा कई अन्य कारणों की वजहों से ज्यादा प्रसिद्ध रहा। स्थानीय निवासियों के अनुसार खंडेराव एक मनोरंजन प्रेमी शासक थे, जिनके दराबार में रोजाना नृत्य-संगीत का आयोजन होता था।
लेकिन अब यह किला एक खंडहर में तब्दील हो चुका है जहां अब कोई नहीं रहता है। दिन के समय यह जंगली जीवों का घर बन जाता है, लेकिन शाम होते ही यहां कोई जाने की हिम्मत नहीं करता।

लोगों का मानना है कि यहां रात के समय नृत्य-संगीत की आवाजें सुनाई देती हैं, जैसे खंडेराव के समय नृत्य-संगीत का आयोजन करवाया जाता था। यहां कई अनहोनियां घट चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो कोई भी इन आयोजनों को देखता है वह जिंदा नहीं लौटाता। इसलिए यह किला भोपाल का सबसे प्रेतवाधित स्थान माना जाता है।अद्भुत : उत्तराखंड का यह फल कभी देवताओं को परोसा जाता था

More News

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+