समतल और शहरों में पड़ रही भयानक गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों पर घूमने जाने की इच्छा तो है लेकिन बस एक वजह से प्लान बनते-बनते रुक जाता है। Motion Sickness. यानी पहाड़ों पर घुमावदार सड़कों से होकर जैसे-जैसे गाड़ी या बस आगे बढ़ती है तो जी मितलाना, माईग्रेन की समस्या, सिर दर्द, सिर में चक्कर आना और कई बार तो उल्टी जैसी परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं जो घूमने जाने का पूरा मजा ही किरकिरा कर देती हैं।
ऐसे में क्या जिन लोगों को Motion Sickness की समस्या है, वे पहाड़ों पर घूमने ही नहीं जाएंगे! क्यों नहीं...पहाड़ों के घुमावदार रास्तों से बचने का सबसे आसान तरीका है घूमने जाने के लिए ऐसे हिल स्टेशंस का चुनाव करना जहां सीधे फ्लाईट से पहुंचा जा सकता है।

ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बता रहे हैं जो एयरपोर्ट से सीधे जुड़े हुए हैं -
कश्मीर
इस लिस्ट में सबसे ऊपर जिस हिल स्टेशन का नाम है, वह है कश्मीर। कश्मीर की सुन्दरता को शब्दों में ढाल पाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। पहाड़ों की गोद में बसे कश्मीर को भले ही हिल स्टेशन की लिस्ट में रखा जाता है लेकिन यह एक घाटी में बसी जगह है।
अगर जाने के लिए पर्यटकों के पास श्रीनगर और जम्मू, दो एयरपोर्ट्स के विकल्प हैं। इन दोनों विकल्पों में से किसी भी एक को अपनी सुविधानुसार चुन लें। कश्मीर के आसपास बसी जगहों में सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम या फिर चंदनवाड़ी तक पहुंचने में आपको कोई भी पहाड़ी घुमावदार सड़क पार नहीं करनी होगी।

देहरादून
गर्मी की छुट्टियों को शांति और सुकून के साथ बिताने के लिए देहरादून भी एक शानदार विकल्प हो सकता है। देहरादून में स्थित जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से देशभर के दूसरे कई बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवा उपलब्ध होती है। इस एयरपोर्ट पर उतरकर पर्यटक चाहे तो देहरादून में ही अपनी छुट्टियां बीता सकते हैं या फिर मात्र 54 किमी दूर मसूरी जा सकते हैं। प्रचंड गर्मी से राहत पाने के लिए मसूरी एक अच्छी जगह है।

शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को पहाड़ों की रानी कहा जाता है। शिमला एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहां गर्मियों और सर्दियों, दोनों मौसम में ही पर्यटक आते रहते हैं। शिमला एयरपोर्ट की वजह से यह शहर देश के दूसरे शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
गर्मी के मौसम में अगर आपको शिमला में पर्यटकों की अधिक भीड़ महसूस हो रही है, तो इसके जुड़वां शहर मनाली भी जा सकते हैं जो यहां से महज कुछ किमी की दूरी पर ही मौजूद है। रास्ता भले ही थोड़ा पहाड़ी है लेकिन आसपास के परिदृश्यों का आनंद उठाते हुए कब आप मनाली पहुंच जाएंगे, पता ही नहीं चलेगा।

गंगटोक
सिक्किम की राजधानी गंगटोक से महज 28.7 किमी की दूरी पर ही पैकयॉन्ग एयरपोर्ट मौजूद है। एयरपोर्ट से शहर तक की महज 29 किमी की दूरी को पर्यटक बड़ी आसानी से ही हंसते-गाते तय कर लेते हैं। अगर आप गंगटोक आने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां से कंचनजंघा की असामान्य रूप को निहारने का कोई भी मौका मत गंवाइएगा।
यह दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है और यकिन मानिए सूर्योदय के समय जब सूरज की किरणें इसकी चोटियों पर पड़ती है, तब ऐसा लगता है मानों पिघला हुआ सोना है।

मैक्लोडगंज
हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से मैक्लोडगंज पहुंचने में बमुश्किल 45 मिनट का समय लगता है। शॉर्ट ट्रिप पर इतनी दूरी तो कोई भी बड़ी आसानी से ही तय कर सकता है। प्राकृतिक सुन्दरता और ज्यादा शोर-शराबे से दूर शांति से कुछ दिन बिताने के लिए मैक्लोडगंज से एक आइडियल डेस्टिनेशन हो सकता है।

शिलॉन्ग
पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख शहर शिलॉन्ग हमेशा से ही पर्यटकों के फेवरेट डेस्टिनेशन में से एक रहा है। शिलॉन्ग का उमरोई एयरपोर्ट मुख्य शहर से लगभग 30 किमी दूर स्थित है। अगर आप किसी शांत हिल स्टेशन पर घूमने के लिए जाना चाहते हैं लेकिन सफर की थकान या Motion Sickness जैसी परेशानियों से दूर रहना चाहते हैं तो शिलॉन्ग को अपने अगले गंतव्य के रूप में चुनें।



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