• Follow NativePlanet
Share
» »दिल्ली की इन जगहों से दिल्लीवाले भी होंगे बेखबर?

दिल्ली की इन जगहों से दिल्लीवाले भी होंगे बेखबर?

Written By:

कभी मुगलों और बिर्टिश की हुकुमत का केंद्र रह चुकी दिल्ली आज भारत की राजनीति का भी प्रमुख केंद्र बन चुका है।साथ ही साथ दिल्ली भारत का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं।

अब सिर्फ 1500 रुपये में होगा दिल्ली दर्शन..जाने कैसे

जो सिर्फ देशी ही नहीं बल्कि विदेशियों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है, यहां लाल किला से लेकर चांदनी चौक तक पर्यटकों की भीड़ को हर रोज देखा जा सकता है।

इस वीकेंड दिल्ली में होगा फुल ऑन एडवेंचर..

सिर्फ यही नहीं दिल्ली में कुछ ऐसी भी जगहें मौजूद जिनसे शायद स्थानीय लोग भी अनिभिज्ञ है..जी हां इसी क्रम में आज हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं, दिल्ली की कुछ ऐसी अनसुनी जगहों के बारे में जहां आप अपने वीकेंड के साथ साथ लॉन्ग वीकेंड को भी मजेदार बना सकते हैं-

मिर्जा ग़ालिब की हवेली

मिर्जा ग़ालिब की हवेली

ऊर्दू शायरी और कविता के अजीम शहंशाह ‌मिर्जा गालिब की हवेली पुरानी दिल्ली की कासिम जान बल्लीमारान नाम की गली में बसी हुई है। गालिब को समझना हो तो यहां जरूर आएं। उनकी हवेली में आते ही बरबस आपको उनका ये शेर याद आ जाएगा ‌जिसमें उन्होंने कहा है "उग रहा है दर-ओ-दीवार से सब्ज़ा गालिब! हम बयाबान में हैं और घर में बहार आई है।PC:Abhishekhanna

 मजनू का टीला

मजनू का टीला

मजनू का टीला , दिल्ली का एक ऐसा इलाका जिसे मिनी तिब्बत कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी । तिब्बतियों के लिए शरणार्थी शिविर के रूप में 1 9 5 9 -60 में स्थापित, इस क्षेत्र का नाम मोगनु नामक एक स्थानीय सूफी के नाम पर रखा गया था और अब इसे लिटिल तिब्बत के रूप में जाना जाता है। आप यहां के स्थानीय मार्केट से ट्रिंकेट्स, हस्तशिल्प और कपड़ो की खरीददारी कर सकते हैं। साथ ही आप यहां तिब्बती खाने का स्वाद भी चख सकते हैं।
PC:Travelling Slacker

जहाज महल

जहाज महल

जहाज़ महल महरौली, दिल्ली में इसके पूर्वोत्तर कोने में हौज़-ए-शम्सी में स्थित है। इसे आस-पास से देखने पर इसका प्रतिबिम्ब ऐसे प्रतीत होता है जैसे किसी झील में कोई जहाज़ चलायमान हो। इसका निर्माण लोदी राजवंश के काल (1452-1526) में खुशी के पल बिताने की धर्मशाला के रूप में किया गया था। यहां दूर दूर तक फैली प्राकृतिक सुन्दरता आपके मन को एक असीम शांति का एहसास कराएगी।PC:Nvvchar

असोला की भरद्वाज झील

असोला की भरद्वाज झील


दिल्ली जैसे भीड़भाड़ जैसे शहर में भरद्वाज जैसी सुंदर झील होना बेहद अकल्पनीय और अविश्वसनीय है। यह झील दिल्ली के दक्षिणी दिल्ली में असोला वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में स्थित है,जो दिल्ली वन्यजीव विभाग द्वारा आरक्षित है। यह झील वन्यजीव अभ्यारण्य पक्षियों और जानवरों के लिए पानी का एक समृद्ध संसाधन है। अगर आप अब तक इस झील से बेखबर थे, तो फ़ौरन इस झील की सैर पर निकल पड़िए।

दिल्ली युद्ध कब्रिस्तान

दिल्ली युद्ध कब्रिस्तान

दिल्ली युद्ध कब्रिस्तान एक बेहद ही साफ़ सुथरा और खूबसूरती से प्राकृतिक और स्वनिर्धारित लॉन है...जहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों की कब्र हैं। यह कब्रिस्तान दिल्ली छावनी क्षेत्र में है और ये बेहद ही सुंदर है,आप यहां प्राकृतिक सुन्दरता के साथ साथ बड़ी बड़ी इमारतों को भी देख सकते हैं।

गाजीपुर फूल मंडी

गाजीपुर फूल मंडी

फूल सबको पसंद होते हैं, किसी को गुलाब पसंद होता है तो किसी को कमल..लेकिन क्या आप जानते हैं कि, दिल्ली में दिल्ली का सबसे बड़ा फूल मार्केट कहां है? तो बता दें, दिल्ली का सबसे बड़ा फूल मार्केट गाजीपुर में स्थित है। यहां से आप सिर्फ देशी ही नहीं बल्कि विदेशी फूलों को भी खरीद सकते हैं..वह भी एकदम कम कीमत पर। अगर आप भीड़ से बचना चाहते हैं, तो सुबह इस मार्केट में आयें।

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more