Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »अगर देखने के बीच रास्ते में जंगली शेर..तो जरुर करें बैंगलोर से वायानाड की रोड ट्रिप

अगर देखने के बीच रास्ते में जंगली शेर..तो जरुर करें बैंगलोर से वायानाड की रोड ट्रिप

बांदीपुर से होते हुए बैंगलोर से वायनाड तक रोड ट्रिप का मज़ा लें।

By Namrata Shatsri

खूबसूरत पहाड़ों, चाय के बागानों और मसालों से महकता वायनाड प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है।

क्‍यों आना चाहिए वायनाड ?

रूट

रूट

बेंगलुरु - रामनगर - मैसूर - बांदीपुर - गुडलूर - वायनाड

पहला दिन

पहला दिन

शहर से सुबह जल्‍दी करीबन 5.30 बजे वायनाड के लिए निकलें जोकि शहर से 280 किमी दूर स्थित है। अगर आपने नाश्ता नहीं किया है तो, आप रामनगर में कामत लोकारुचि में नाश्‍ते के लिए रूक सकते हैं। इसके बाद मैसूर के लिए निकल पड़िए।

मैसूर में एंट्री लेने से पहले आप रिंग रोड पर ड्राइविंग का मजा ले सकते हैं, क्योंकि यहां आपको ट्रैफिक नहीं मिलेगा...यहां आप सीधे हाइवे से बांदीपुर नेशनल पार्क में प्रवेश कर सकते हैं।
PC:Rsrikanth05

वायनाड में थिरुनेल्‍ली मंदिर

वायनाड में थिरुनेल्‍ली मंदिर

बांदीपुर नेशनल पार्क में अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी ही रखें ताकि आप यहां पर कई तरह के जानवर देख सके। साथ ही हाईवे पर आने वाले जानवरों के प्रति भी सावधानी बरतें। स्‍लो स्‍पीड में जाने पर बंदर, स्‍पॉटेड हिरण और मोर देखने को मिल सकते हैं। आगे जाने पर जैंटल जाइंट्स और हाथी भी देखने को मिलेंगें।

सख्‍ती से हिदायत दी जाती है कि नेयानल पार्क के अंदर तस्‍वीरें खिंचवाने या किसी भी और काम के लिए कहीं भी गाड़ी ना रोकें। गाड़ी की गति को धीमा रख कर आप इस प्राकृतिक जगह पर जानवरों की लाइफ को कैमरे में कैद कर सकते हैं।PC:benuski

वायनाड के बारे में रोचक तथ्‍य

वायनाड के बारे में रोचक तथ्‍य

बांदीपुर जंगल से निकलकर गुडलूर में प्रेवश करेंगें। ये शहर छोटा तो है लेकिन यहां पर आप काफी कुछ कर सकते हैं। यहां प्रवेश करने के बाद आपके फोन में भी एलर्ट आ जाएगा कि आप केरल राज्‍य में एंट्री कर चुके हैं। यहां आपको मौसम में भी अचानक बदलाव नज़र आएगा।

शुष्‍क स्‍थान से हरियाली की जगह में प्रवेश करेंगें। पहले से ही ठहरने के लिए होटल में बुकिंग करवा लें। वायनाड में कई खूबसूरत और सुविधाजनक रिजॉर्ट हैं।PC:Prof. Mohamed Shareef

पहला दिन

पहला दिन

होटल में अपना सामान रखने के बाद केरल स्‍टाइल लंच करें और पूकोड़े झील देखने के लिए निकल जाएं। ये झील बोटिंग सुविधाओं के लिए जानी जाती है। यादगार शाम बिताने के लिए ये जगह काफी खूबसूरत है।

इसके बाद आपकी अगली मंजिल होगी चेन ट्री जहां पर चेन की तरह पेड़ अपनी जड़ों से लटके हुए हैं। कहा जाता है कि वायनाड को विकसित करने में एक स्‍थानीय लड़के करिनदाथन ने अंग्रेजी इंजीनियर की मदद की थी। इस शहर को विकसित करने का पूरा श्रेय लेने के लिए उस अंग्रेजी इंजीनियर ने अपने सहायक लड़के की हत्‍या कर दी। उस लड़के की रूह यहां पर भटकती रहती थी तब एक पुजारी ने उस लड़के की रूह को यहां के पेड़ पर चेन से बांध दिया था। इसके बाद आप वापस होटल आकर कुछ देर आराम कर सकते हैं।PC:Irshadpp

दूसरा दिन

दूसरा दिन

इस जगह हॉट पुट्टू और कडाला करी खा सकते हैं। इसके बाद आप एदाक्‍कल गुफाएं देखने निकल सकते हैं। वायनाड में आएं हैं तो इन गुफाओं को जरूर देखें। गुफाओं तक पहुंचने के लिए आपको पहाड़ी पर थोड़ी चढ़ाई करनी पड़ेगी।

दो अलग हुए पत्‍थरों से बनी गुफा के पत्‍थरों पर प्राचीन दुर्लभ शिलालेख मौजूद हैं। गुफाओं में तीन पेट्रोग्‍लिफ्स हैं जिनकी कीमत पुरातत्‍वविदों की नज़रों में बहुत अनमोल है।

इसके बाद बनासुर सागर बांध देखने के लिए निकलें। काबिनी नदी पर बना यह बांध भारत का एकमात्र और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। यहां पर बांध को पार करने के लिए मोटर बोट की सवारी कर सकते हैं। इस बांध के एक ओर चेंब्रा चोटी और दूसरी ओर बनासुर चोटी है।

PC:Vinayaraj

दूसरा दिन

दूसरा दिन

रास्‍ते में किसी होटल में लंच कर प्रसिद्ध थमरास्‍सेरी चुरम के लिए निकल जाएं। ये घाट तकनीकी रूप से वायनाड़ जिले का अंतिम छोर है और यहां से आप कैलिकट जिले में प्रवेश कर सकते हैं। इस रास्‍ते में आपको जंगल का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिलेगा।

इसके बाद आप वायनाड़ हेरिटेज म्‍यूजियम देख सकते हैं जहां आपको यहां के इतिहास और संस्‍कृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इसके बाद पज़हस्‍सी राला का मकबरा जरूर देखें। इस राजा ने ब्रिटिश ईस्‍ट इंडिया कंपनी के खिलाफ युद्ध का नेतृत्‍व किया था। पूरा दिन वायनाड घूमने के बाद आपको वापस अपने होटल जाकर आराम करना चाहिए।

PC:Prof tpms

तीसरा दिन

तीसरा दिन

सुबह बैंगलोर के लिए जल्‍दी निकलें ताकि रास्‍ते में आप मुथंगा वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य भी देख सकें। मुथंगा वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य, बांदीपुर और मदुमलई जंगल की सीमा पर स्थित है। इस अभ्‍यारण्‍य में आप हाथी, बिसोन और घास में हिरण को देख सकते हैं।

इस यात्रा में ये आखिरी जगह थी। इसके बाद बैंगलोर के ट्रैफिक का सामना करने के लिए तैयार हो जाएं।PC:Jaseem Hamza

More News

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+