पिछले 14 फरवरी को अबु धाबी (UAE) के पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अबु धाबी के पहले हिंदू मंदिर ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। जिसने भी इस मंदिर की तस्वीर देखी, इसकी शानदार वास्तुकला को बस देखता ही गया। अब अबु धाबी के पहले हिंदू मंदिर BAPS मंदिर को आम भक्तों के लिए खोल दिया गया है।

1 मार्च से इसे आम भक्तों के लिए खोला गया है। सोमवार के अलावा सप्ताह के बाकी सभी दिन यह मंदिर सुबह 9 बजे से रात को 8 बजे तक आम भक्तों के लिए खुला रहेगा। दरअसल, उद्घाटन के अगले दिन यानी 15 फरवरी से 29 फरवरी तक इस मंदिर में सिर्फ उन्हीं भक्तों को प्रवेश करने की अनुमति दी गयी थी जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन करवा रखा था।

लेकिन अब मंदिर में जाने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि मंदिर प्रबंधन ने अब मंदिर में भगवान के दर्शन करने आने वालों के कुछ दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसमें ड्रेस कोड भी लागू किया है। इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
लागू हुई ड्रेस कोड
अबु धाबी के पहले हिंदू मंदिर BAPS मंदिर के दरवाजे सभी धर्म और संप्रदाय के लोगों के लिए खोल दिये गये हैं। BAPS द्वारा जारी ड्रेस कोड के अनुसार मंदिर में शालीन पोशाक में ही प्रवेश करने के लिए कहा गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को ऐसे परिधान पहनने की सलाह दी गयी है, जिसमें उनके कंधे और घुटने दोनों ढंके हुए हो। कपड़ों पर न तो कोई आपत्तिजनक डिजाइन हो और न किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक नारा लिखा हो।
मंदिर प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि परिसर की पवित्रता का ध्यान रखते हुए पारदर्शी या फिर टाइट फिटिंग्स वाले परिधान न पहनने की सलाह दी गयी है। साथ में कहा गया है कि मंदिर में आने वाला कोई भी श्रद्धालु अगर इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसे मंदिर में प्रवेश करने से रोका जा सकता है।

पालतू जानवर और ड्रोन की नहीं है इजाजत
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ पालतू जानवरों को ले जाने की इजाजत नहीं दी गयी है। अगर कोई श्रद्धालु अपने साथ पालतु पशु को लेकर जाता है, तो उसे मंदिर परिसर के बाहर ही रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर परिसर के अंदर ड्रोन उड़ाने की भी अनुमति नहीं है। अगर कोई व्यक्ति व्यवसायिक या पत्रकारिता के उद्देश्य से फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी अथवा ड्रोन रिकॉर्डिंग करना चाहता है तो उसे इसके लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेकर ही करनी पड़ेगी।

और किन नियमों का करना होगा पालन
- BAPS मंदिर में कोई अकेला बच्चा नहीं जा सकता है। उसके साथ किसी वयस्क का होना अनिवार्य है।
- मंदिर परिसर के अंदर बैग, बैगपैक आदि सामान लेकर जाने की अनुमति नहीं है।
- किसी भी प्रकार का हथियार, नुकिली या धारदार वस्तु, चाकु, लाइटर या माचिस लेकर मंदिर में प्रवेश नहीं किया जा सकेगा।
- पार्किंग समेत मंदिर परिसर में धुम्रपान, शराब या तंबाकू का इस्तेमाल करना सख्त वर्जित है।
- मंदिर के अंदर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
- मंदिर की दिवारों पर लिखना या चित्रकारी करना मना है।



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