वंदे भारत एक्सप्रेस के बाद भारतीय रेलवे अब जल्द ही वंदे मेट्रो शुरू करने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार दो बड़े शहरों के बीच इस मेट्रो का संचालन किया जाएगा। बताया जाता है कि पंजाब के कपूरथला में स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में वंदे मेट्रो की कोच तैयार की जा रही है।
पूरी तरह से देसी तकनीक के आधार पर ही इन हाई स्पीड वंदे मेट्रो के कोच को तैयार किया जाता है। ये मेट्रो करीब 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ सकेंगी।

भारतीय रेलवे के जनरल मैनेजर एस. श्रीनिवासन ने मीडिया से बातचीत में कुछ दिन पहले ही बताया कि दो शहरों को जोड़ने वाली इंटरसिटी ट्रेनों के तर्ज पर वंदे मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। इस साल अप्रैल तक RCF कपूरथला में वंदे मेट्रो के कोच का पहला मॉडल तैयार हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि वित्तिय वर्ष 2024-25 तक ऐसी 16 कोच वाली वंदे मेट्रो तैयार होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि वंदे मेट्रो को वंदे भारत एक्सप्रेस के तर्ज पर ही डिजाइन किया गया है जो दो शहरों के बीच अधिकतम 250 किमी तक की दूरी तय करेगी। वंदे मेट्रो के सभी 16 कोच एसी कोच होंगे।
क्या-क्या होंगी वंदे मेट्रो की खासियतें

- वंदे मेट्रो ट्रेन, सामान्य मेट्रो की तुलना में यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगी।
- हर कोच में लगभग 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। साथ ही करीब 180 यात्री खड़े होकर भी यात्रा कर सकेंगे। यानी एक बार में वंदे मेट्रो से करीब 280 यात्री यात्रा कर सकेंगे।
- मेट्रो के एक कोच के हर बेंच पर 3 यात्री बैठ सकेंगे।
- सामान्य मेट्रो की तरह ही वंदे मेट्रो के दरवाजे भी खुद-ब-खुद ही खुलेंगे।
- किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में यात्री ड्राइवर से बात कर सके, इसके लिए वंदे मेट्रो के हर कोच में टॉक बैक की सुविधा होगी।
- आग या धुंआ का पता लगाने के लिए हर कोच में 14 सेंसर लगाए जाएंगे।
- ह्वीलचेयर पर बैठा यात्री भी कोच के वॉशरूम का इस्तेमाल कर सकेगा।
- किसी भी तरह की दुर्घटना या आमने-सामने की टक्कर को रोकने के लिए मेट्रो को कवच सिस्टम से लैस किया जाएगा।
- मेट्रो के दो कोचों को जोड़ने वाली जगह, गैंगवे पर यात्री आसानी से आवाजाही कर सकें, इसे सुनिश्चित किया जाएगा।
हालांकि वंदे मेट्रो का संचालन किन शहरों में सबसे पहले शुरू होगा, इस बाबत अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।



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