अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट के विकास के दूसरे चरण पर काम किया जा रहा है। इस चरण में साबरमती नदी पर एक बैरज-ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जो गुजरात में अपनी तरह का पहला ब्रिज होने वाला है। साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SRFDCL) इस पूरी परियोजना की देखरेख खुद कर रही है।
करोड़ों की लागत से बन रहे इस बैरज-ब्रिज में ऐसी क्या खासियत होने वाली है, जिसकी वजह से दावा किया जा रहा है कि गुजरात में यह पहला ब्रिज होगा? साबरमती रिवरफ्रंट पर कहां बनाया जाएगा यह ब्रिज और कितनी लागत होने वाली है? कब तक इस बैरज-ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? इस ब्रिज और बैरज के निर्माण से अहमदाबादवासियों को क्यों फायदा मिलने वाला है?

आइए इन सभी सवालों का जवाब ढूंढने की कोशिश करते हैं -
कहां बन रहा है यह बैरज-ब्रिज?
Desh Gujarat की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना के दूसरे चरण के तहत इस बैरज-कम-ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इस बैरज-ब्रिज का निर्माण साबरमती नदी पर किया जाएगा, जो पश्चिमी तट पर आर्चर को पूर्वी तट पर कैम्प सदर बाजार से जोड़ेगी। बताया जाता है कि इस ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो जाने से पश्चिमी अहमदाबाद के चांदखेडा, साबरमती, मोटेरा और हंसोल इलाकों तक आवाजाही कहीं आसान बन जाएगी।
वहीं बात अगर पूर्वी क्षेत्रों की करें तो एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए लोगों को ट्रैफिक में फंसने की जरूरत नहीं होगी। बैरज की मदद से गांधीनगर तक जलस्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे जब नर्मदा मुख्य कैनल में भी रखरखाव का काम होगा, तब भी अहमदाबाद में जलापूर्ति को समान रूप से बनाए रखने में मदद मिलेगी।
क्या होगी ब्रिज और बैरज की खासियतें?
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि साबरमती नदी पर जिस बैरज का निर्माण किया जाएगा, वह एयर-फिल्ड रबर टाइप बैरज होने वाला है। इसे बनाने का काम दक्षिण कोरिया की एक कंपनी को सौंपा गया है। बताया जाता है कि गुजरात में अब तक इस पद्धति से किसी भी बैरज का निर्माण नहीं किया गया है।
यह बैरज ऑटोमेटिक तरीके से नदी में जल के बहाव को नियंत्रित करेगी। इसके साथ ही नदी के दोनों किनारे पर 10 मीटर चौड़ा लॉक-गेट भी बनाया जाएगा जिसे रोशनी से सजाया जाएगा। बताया जाता है कि यहां नदी में घूमने-फिरने और नदी को पार करने के लिए बोटिंग भी होगी।
वहीं साबरमती नदी पर बनाए जाने वाले इस ब्रिज की लंबाई 1 किमी से ज्यादा होगी। खास बात है कि यह ब्रिज 6 लेन चौड़ा होने वाला है। इससे होकर गाड़ियों को आवाजाही करने में बड़ी आसानी होगी। जैसा कि हमने पहले ही बताया है कि इस ब्रिज के बनने से अहमदाबाद के चांदखेडा, साबरमती, मोटेरा और हंसोल इलाके के साथ-साथ एयरपोर्ट तक आने-जाने में काफी सुविधा होने वाली है।

सदर ब्रिज के दोनों तरफ से एप्रोच ब्रिज भी बनाया जाएगा जो रिवरफ्रंट रोड को मुख्य ब्रिज से जोड़ेगा। इस ब्रिज के ठीक बीचोबीच 126 मीटर का लोहे से बना धनुषाकार डिजाइन बनाया जाएगा जो दोनों अंत के तरफ 42 मीटर के सेक्शन में बदल जाएगा। ब्रिज पर पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के लिए 3 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी होगा।
कितनी लागत और कब तक बनकर तैयार?
मिली जानकारी के अनुसार अहमदाबाद में साबरमती नदी पर बनाए जाने वाले इस बैरज-ब्रिज का निर्माण की लागत लगभग ₹239.92 करोड़ होने वाली है। इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2027 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बताया जाता है कि बैरज के निर्माण ₹53.78 करोड़ की लागत आने वाली है, जिसके एयर-फिल्ड रबर को लगाने का काम साल 2026 में मानसून के खत्म होने के बाद शुरू किया जाएगा।
उम्मीद की जा रही है कि इस बैरज-ब्रिज के तैयार होने के बाद अहमदाबादवासियों को जहां काफी सुविधा होगी वहीं साबरमती रिवरफ्रंट के दूसरे चरण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी पूरा होगा।



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