अहमदाबाद में कई सालों के बाद फिर से निकाली जाएगी देवी भद्रकाली की ऐतिहासिक नगर यात्रा। संभावना जतायी जा रही है कि इस नगर यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। बताया जाता है कि देवी भद्रकाली को अहमदाबाद शहर की नगर देवी कहा जाता है, जिन्हें अहमदाबाद की संरक्षक देवी कहा जाता है।
महाशिवरात्रि के दिन यानी 26 फरवरी को देवी भद्रकाली की नगर यात्रा निकाली जाएगी, जिसे न सिर्फ अहमदाबाद की समृद्ध संस्कृति बल्कि धार्मिक आस्था का प्रतीक भी माना जा रहा है। बताया जाता है कि 26 फरवरी को ही अहमदाबाद की स्थापना भी हुई थी, जिस वजह से इस दिन का महत्व काफी ज्यादा बढ़ गया है।

क्या होगी भद्रकाली नगर यात्रा की Timing?
मिली जानकारी के अनुसार सुबह 8 बजे अहमदाबाद में भद्रकाली मंदिर से नगर यात्रा की शुरुआत होगी। सुन्दर तरीके से सजाए हुए रथ पर देवी की पादुका को नगर यात्रा के लिए निकाला जाएगा। दोपहर 12.30 बजे यह यात्रा समाप्त होगी, जिसके बाद देवी भद्रकाली की पादुकाएं वापस मंदिर परिसर में लायी जाएंगी। बताया जाता है कि इस मौके पर 5000 से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इस नगर यात्रा को अहमदाबाद में काफी महत्वपूर्ण यात्रा भी माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद इस साल देवी भद्रकाली की नगर यात्रा निकाली जा रही है। Times of India की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लगभग 14 सालों बाद देवी भद्रकाली की नगर यात्रा निकाली जा रही है। वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह नगर यात्रा 614 सालों बाद निकाली जाएगी। हालांकि इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या होगा देवी भद्रकाली की नगर यात्रा का रूट?
- तीन दरवाजा
- गुरु माणिकनाथजी समाधि स्थल
- माणिक चौक
- दानापीठ
- अहमदाबाद म्यूनिसिपल ऑफिस
- खमासा
- पगाथिया
- जमालपुर दरवाजा
- जगन्नाथ मंदिर
- महालक्ष्मी मंदिर
- लाल दरवाजा
बताया जाता है कि इस नगर यात्रा में कई अखाड़ा, हाथी, ऊंट, टैब्लो, म्यूजिकल ग्रुप, भजन मंडली और अन्य शामिल होंगे, जो गुजरात व अहमदाबाद की पारंपरिक संस्कृति को दुनिया के सामने रखेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स में संभावना जतायी जा रही है कि देवी भद्रकाली की नगर यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्य मंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हो सकते हैं। बताया जाता है कि इस नगर यात्रा को केंद्र कर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किये जाएंगे। इसके साथ ही ट्रैफिक की भी खास व्यवस्था की जाएगी।

बता दें, अहमदाबाद की नगर देवी मां भद्रकाली के मंदिर की स्थापना 14वीं शताब्दी में अहमद शाह ने किया था, जिन्होंने अहमदाबाद शहर की भी स्थापना की थी। कहा जाता है कि अहमद शाह ने अपने राज पुरोहित की इच्छानुसार अपने किले के बाहर इस प्रकार से मंदिर की स्थापना करवायी थी कि देवी की नजरें पूरे अहमदाबाद शहर पर समान रूप से बनी रहे। कहा जाता है कि इस मंदिर की देखरेख आज भी राज पुरोहित के परिवार के वंशज ही करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी हर साल नववर्ष के मौके पर देवी भद्रकाली के मंदिर में दर्शन करने आते हैं।



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