भारत एक ऐसा देश है, जहां एक ही त्योहार को इसके हर प्रांत में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। बिहार-उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड में जहां नए साल का पहला त्योहार मकर संक्रांति कहलाता है, तो पंजाब में इसे लोहड़ी के नाम से जाना जाता है। असम में यह माघ बिहू या भोगाली बिहू के नाम से जाना जाता है तो गुजरात में उत्तरायण के नाम से इस त्योहार को मनाया जाता है।
और बात जब गुजरात के उत्तरायण की हो रही हो और पतंगबाजी की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है। गुजरात में मकर संक्रांति या उत्तरायण के समय पतंगबाजी इतना ज्यादा लोकप्रिय है कि इस समय अहमदाबाद समेत कई और शहरों में अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव (International Kite Festival) का आयोजन ही किया जाता है। इस साल अहमदाबाद समेत गुजरात के और भी कई जगहों पर आयोजित होने वाला है 34वां अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव।

साल में एक बार इस फेस्टिवल का आयोजन गुजरात के पर्यटन विभाग (Gujarat Tourism) की ओर से किया जाता है। उत्तरायण या मकर संक्रांति कोई आम त्योहार नहीं बल्कि यह सर्दियों के खत्म होने और वसंत ऋतु के आगमन का संकेत होता है।
उत्तरायण वह त्योहार होता है जिसमें गुजरात के लगभग हर घर में छत पर पूरा परिवार इकट्ठा होकर तिल के लड्डू, उंध्यू, मुरमुरा लड्डू आदि का स्वाद चखते हैं। गाने और डीजे के धून पर थिरकते हैं और दोस्तों के साथ मिलकर दिन में अलग-अलग आकृतियों की पतंग उड़ाते हैं और सूर्यास्त होने के बाद आसमान कंदील छोड़ते हैं, जिसके पीछे पतंग की पूंछ बनी होती है।

कब से कब तक चलेगा पतंग उत्सव?
इस साल अहमदाबाद का पतंग उत्सव (Kite Festival) 11 जनवरी को शुरू होगा जो 14 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान सिर्फ अहमदाबाद ही नहीं बल्कि गुजरात के कई और लोकेशन पर भी पतंग उत्सव आयोजित होगा। 11 जनवरी को पतंग उत्सव का उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और पर्यटन मंत्री मुलुभाई बेरा करेंगे। अगर आप भी पतंग उत्सव में बतौर दर्शक जाने के बारे में सोच रहे हैं तो यहां आपको न सिर्फ रंग-बिरंगी और पारंपरिक बल्कि कई अनोखे डिजाइन वाली पतंग भी देखने को जरूर मिलेगी।

कौन-कौन लेगा हिस्सा?
अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव की शुरुआत अहमदाबाद के वल्लभ सदन रिवरफ्रंट पर होगी। इस साल अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव में हिस्सा लेने के लिए 47 देशों के 143 पतंगबाज अहमदाबाद आ रहे हैं। इसके अलावा भारत के 11 राज्यों के 52 पतंग विशेषज्ञ और गुजरात के 11 शहरों के 417 पतंगबाज भी इसमें हिस्सा लेंगे। गुजरात का अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव यहां की संस्कृति को विश्व के कोने-कोने में फैलाने का काम करता है।

कौन-कौन से शहरों में आयोजित होगा पतंग उत्सव?
अहमदाबाद के साथ-साथ पतंग उत्सव का आयोजन गुजरात के कई और शहरों में भी किया जाएगा -
11 जनवरी : अहमदाबाद में उद्घाटन
12 जनवरी : स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवडिया) में कार्यक्रम, राजकोट और वडोदरा
13 जनवरी : सूरत, शिवराजपुर और धोड़दो में पतंग उत्सव
14 जनवरी : उत्तरायण के दिन अहमदाबाद में फिर से होगा पतंगबाजी का शानदार उत्सव

अहमदाबाद का शानदार रिवरफ्रंट से लेकर शिवराजपुर के समुद्रतट तक, अंतर्राष्ट्रीय पतंग उत्सव के माध्यम से गुजरात के शानदार लोकेशन और इसकी ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में लोगों को जानकारी मिलेगी। अगर इस समय आप गुजरात या आसपास के किसी भी शहर में मौजूद रहने वाले हैं तो कम से कम अहमदाबाद के शानदार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए खुद को जरूर तैयार रखें, क्योंकि सिर्फ पतंग ही नहीं बल्कि तिल की खुशबू भी आपको गुजरात आने का न्यौता देगी। इसके साथ ही उत्तरायण पर बनने वाले कई और खास पकवान, जिनका साल में दूसरे समय मिलना मुश्किल होता है, उनका स्वाद चखना भला कौन मिस करना चाहेगा।



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