इस साल होली के समय ही पड़ रही तेज गर्मी को लेकर अक्सर गली-मुहल्लों और चौराहों पर लोग चर्चाएं करते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार इस साल की गर्मी पिछले सारे रिकॉर्ड्स को तोड़ने वाली होगी। देशभर के कई शहरों में तापमान अगले कुछ दिनों में ही 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। बात अगर पिछले 3 महीनों की करें, तो इस साल सर्दियों के मौसम में भी देश के विभिन्न शहरों का तापमान औसत से ज्यादा ही रहा।
Climate Central की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार गुजरात के सूरत में करीब 13 दिन सर्दियों के मौसम में गर्मियों का प्रकोप छाया रहा। क्या अहमदाबाद में भी सर्दियों के मौसम में भी गर्मी ही हावी रही? राजधानी दिल्ली, बेंगलुरु, हावड़ा और आपके शहर का तापमान क्या कहता है?

आइए जान लेते हैं -
शहरों का हाल जानने से पहले आपको बता दें, Climate Central के हवाले से पता चला है कि एशिया के शीर्ष 10 देशों में जहां दिसंबर'24 से फरवरी'25 के बीच यानी सर्दियों के मौसम का तापमान औसत से ज्यादा रहा, उनकी लिस्ट में भारत 5वें स्थान पर रहा। इस रिपोर्ट में तापमान के औसत से ऊपर रहने की मुख्य वजह इंसानों के कारण मौसम परिवर्तन को माना गया है। इस वजह से गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ने और विश्व भर में तेज गर्मी पड़ने की संभावनाएं पैदा हो गयी हैं।
अहमदाबाद और गुजरात के शहरों में क्या तापमान गया औसत से ऊपर?
पिछले 3 महीनों (दिसंबर, जनवरी और फरवरी) के दौरान गुजरात के कई शहरों का तापमान औसत से ऊपर ही रहा। इसमें सूरत का नाम सबसे ऊपर है। पिछले 3 महीनों में लगभग 13 दिन सूरत का तापमान औसत से ज्यादा दर्ज किया गया। वहीं दमन में पिछले 3 महीनों में 26 दिनों का तापमान औसत से ऊपर ही रहा है।
लेकिन अच्छी बात यह रही कि अहमदाबाद में 1 भी दिन ऐसा नहीं हुआ जब वहां का औसत तापमान सामान्य से ऊपर गया हो। इसी तरह से राजकोट और गांधीनगर का औसत तापमान भी पिछले 3 महीनों के दौरान सामान्य ही बना रहा। वडोदरा में 2 दिन तापमान औसत से ऊपर गया था।
महाराष्ट्र ने किया हैरान
Climate Central की रिपोर्ट में महाराष्ट्र ने हैरान कर दिया है। महाराष्ट्र के कई शहरों जिसमें मुंबई, पुणे, ठाणे, कल्याण, वसई-विरार आदि शामिल रहे, जहां का औसत तापमान 20 या 30 दिनों से ज्यादा सामान्य से ऊपर रहा। इतना ही नहीं, पिछले 3 महीनों के दौरान महाराष्ट्र राज्य का औसत तापमान करीब 1.62 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया।
| शहर | कितने दिन औसत से ज्यादा रहा तापमान |
| मुंबई | 36 |
| कल्याण | 23 |
| ठाणे | 34 |
| वसई-विरार | 36 |
| पुणे | 28 |
| पिम्प्री-चिंचवाड | 28 |
| नासिक | 04 |
| औरंगाबाद | 09 |
| नागपुर | 12 |
बात अगर दक्षिण भारत की करें तो यहां भी कई शहरों का औसत तापमान सर्दियों के मौसम में बेहद गर्म बना रहा, जिसकी वजह इंसानों की वजह से हुआ जलवायु परिवर्तन ही माना जा रहा है।
| दक्षिण भारतीय शहर | कितने दिन औसत तापमान से ऊपर रहा पारा |
| तिरुवनंतपुरम | 80 |
| मदुरै | 30 |
| पुडुचेरी | 66 |
| चेन्नई | 81 |
| बेंगलुरु | 31 |
| विजयवाड़ा | 80 |
| अमरावती | 71 |
| हैदराबाद | 36 |
| विशाखापत्तनम | 59 |

राजधानी दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल
राजधानी दिल्ली, जो पिछले कई सालों से सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की मार झेलता आ रहा है। हर साल सर्दियों के मौसम में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है, जिस वजह से लोगों का घरों से निकलना भी दुश्वार हो जाता है। लेकिन अच्छी बात यह रही कि पिछले 3 महीनों के दौरान दक्षिण भारत व महाराष्ट्र में जहां अधिकांश दिन औसत तापमान सामान्य से ऊपर ही दर्ज किया गया वहीं दिल्ली में एक भी दिन तापमान औसत से ऊपर नहीं गया।
कुछ ऐसी ही स्थिति बिहार की राजधानी पटना में भी रही। यहां भी एक दिन भी तापमान औसत से ऊपर नहीं गया था। Climate Central की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, मिर्जापुर, वाराणसी और प्रयागराज शहरों में भी तापमान दिसंबर, जनवरी और फरवरी के दौरान लगातार सामान्य ही बना रहा। लेकिन बात पश्चिम बंगाल में आकर थोड़ी गड़बड़ हो गयी। क्योंकि पिछले 3 महीनों के दौरान बंगाल की राजधानी कोलकाता और जुड़वा शहर हावड़ा में दो दिन ऐसे रहे जब तापमान औसत से ऊपर दर्ज किया गया था।



Click it and Unblock the Notifications















