ट्रेन के मुकाबले विमान से किया जाने वाला सफर कहीं ज्यादा आरामदायक और तेज रफ्तार जरूर होता है, लेकिन सफर के दौरान विमान में बोरियत इतनी होती है कि कई बार लोग सिर्फ बोरियत से बचने के लिए विमान के बजाए ट्रेन से सफर करना ज्यादा पसंद करते हैं। अगर आप भी उन लोगों में शामिल है जिन्हें विमान का सफर बोरिंग लगता है तो अब ऐसा नहीं होगा।
अब आप सफर के दौरान जी भरकर इंटरनेट सर्फिंग कर सकेंगे। सिर्फ एयरपोर्ट पर ही नहीं बल्कि उड़ान के दौरान भी। अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के दौरान तो WiFi सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, जिनका लाभ यात्री सफर के दौरान आराम से उठा पाते हैं लेकिन घरेलू यात्री? अब घरेलू यात्रियों की यह शिकायत भी दूर हो जाएगी।

पिछले दिनों ही एयरलाइंस कंपनी Air India ने घरेलू उड़ान में भी WiFi सुविधाएं प्रदान करने की घोषणा की है। अब यात्री बड़े आराम से उड़ान के दौरान फिल्मों से लेकर म्यूजिक तक और ऑनलाइन जरूरी कार्यों का निपटारा भी कर सकेंगे। जिन विदेशी एयरलाइंस की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में भी WiFi की सुविधा दी जाती थी, वे जब भारत के आसमान से होकर गुजरती थी, तब उनका WiFi काम करना बंद कर देता था।
इस वजह से भारत का आसमान इंटरनेट ब्लैकआउट जोन कहलाता था। लेकिन बाद में भारत के आसमान में भी WiFi और इंटरनेट कनेक्शन को बहाल करने का नियम लागू किया गया, जिसके बाद अब धीरे-धीरे भारतीय उड़ानों में भी WiFi सुविधाएं उपलब्ध करवायी जा रही हैं।
हालांकि अभी भी उड़ानों में ऊंचाई की पाबंदी लागू है, जो WiFi सुविधाओं को सीमित कर रहा है। विमान के नेटवर्क में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए WiFi सेवाओं को सिर्फ 3000 मीटर की ऊंचाई पर ही उपलब्ध करवाया जाता था। साल 2024 में इस नियम को भी समाप्त कर अब उड़ान में इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया जाता है।

बता दें, सभी विमानों में WiFi की सुविधाएं उसमें लगे हार्डवेयर और तकनीक पर निर्भर करता है। एयरलाइंस कंपनी द्वारा उपयोग किये जा रहे एयरक्राफ्ट में वह सिस्टम काम कर रहा है अथवा नहीं। Times of India की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जिन दो प्रमुख तकनीकों के माध्यम से विमान में WiFi सुविधाएं उपलब्ध करवायी जाती हैं, उनमें शामिल हैं -
- Air to Ground (ATG) सिस्टम - यह एयरक्राफ्ट को जमीन पर सेल टावर से जोड़ती है, लेकिन विशाल जलाशयों या समुद्री इलाकों में यह काम नहीं करता है।
- सैटेलाइट आधारित सिस्टम - सैटेलाइट के माध्यम से विशाल क्षेत्र में इंटरनेट का कनेक्शन उपलब्ध करवाती है। यह समुद्र पर भी काम करता है। हालांकि लंबी दूरी का ट्रांसमिशन होने की वजह से इसमें सिग्नल थोड़ा स्लो हो सकता है।
बताया जाता है कि भारतीय एयरलाइंस शुरुआत में इस महंगी तकनीक को अपनाने में हिचकिचा रही थी, क्योंकि भारतीय यात्री इंटरनेट के लिए अतिरिक्त शुल्क देंगे या नहीं, इसका उन्हें संदेह था। मार्च 2020 में सबसे पहले विस्तारा ने बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में इस सेवा की शुरुआत की।
साल 2025 में एयरइंडिया ने सबसे पहले घरेलू उड़ानों में भी WiFi सुविधाओं की शुरुआत की है। जिन एयरक्राफ्ट में यह सुविधा उपलब्ध होगी, उनमें शामिल है एयरबस A350, बोइंग 787-9, एयरबस A321neo। शुरुआती दिनों में एयरइंडिया WiFi की सुविधा के फ्री में ही उपलब्ध करवा रही है लेकिन संभावना है कि बाद में इसे शुल्क के साथ उपलब्ध करवाया जाएगा।



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