छुट्टियों में रिलैक्स करना हो या वर्केशन पर जाना चाहते हैं, सबसे पहला नाम किसी समुद्रतटीय शहर का ही आता है। लेकिन क्या आपने कभी किसी सार्वजनिक समुद्रतट पर प्रवेश करते समय एंट्री शुल्क चुकाया है? अब ऐसा करने की आदत डाल लिजीए...क्योंकि जल्द ही इस राज्य में समुद्रतट पर प्रवेश करने के लिए एंट्री शुल्क को लागू कर किया जाएगा। यह फैसला लिया है आंध्र प्रदेश के पर्यटन विभाग की तरफ से।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अब आंध्र प्रदेश के कुछ लोकप्रिय समुद्रतटों पर प्रवेश करने के लिए पर्यटकों को एंट्री शुल्क चुकाना पड़ेगा।

इस बारे में Times of India की एक रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश के हवाले से बताया गया है कि समुद्रतटों का सिर्फ रखरखाव ही नहीं बल्कि उनका विकास करने की भी जरूरत होती है। इसलिए आंध्र प्रदेश के पर्यटन विभाग ने चुनिंदा समुद्रतटों पर प्रवेश करने के लिए पर्यटकों से प्रवेश शुल्क वसूलने का फैसला लिया है।
कितनी होगी एंट्री फीस?
मिली जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी नहीं बल्कि कुछ चुनिंदा समुद्रतटों पर ही एंट्री फीस लागू करने का फैसला लिया है। हालांकि यह फीस बहुत ज्यादा नहीं बल्कि पर्यटकों के बजट में ही होने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार समुद्रतटों पर प्रवेश करने के लिए पर्यटकों को ₹15 से ₹20 के बीच शुल्क जमा करने की जरूरत होगी।
कौन से समुद्रतटों पर लागू होगी एंट्री फीस
आंध्र प्रदेश के जिन समुद्रतटों पर एंट्री फीस को लागू करने का फैसला लिया गया है वो सभी काफी लोकप्रिय हैं। जिन समुद्रतटों का चुनाव मुख्य रूप से एंट्री शुल्क को लागू करने के लिए किया गया हैं, वो भी अपने सुनहरे रंगों वाली रेत, साफ और स्वच्छ पानी, आराम करने के लिए शांत जगह और वाटर एक्टिविटी के लिए बेस्ट माने जाते हैं। जिन समुद्रतटों पर प्रवेश करने के लिए एंट्री शुल्क चुकाना होगा, उनके नाम निम्न हैं -
- मैपाडु समुद्रतट
- काकीनाडा समुद्रतट
- राम्यापटनम समुद्रतट
- रुशिकोंडा समुद्रतट
- सुर्यलंका समुद्रतट

क्यों लागू किया जा रहा है एंट्री शुल्क
मिली जानकारी के अनुसार समुद्रतटों पर एंट्री शुल्क को इन जगहों की साफ-सफाई, रख-रखाव को बनाए रखने और इनकी विकास के उद्देश्य से ही लागू किया जा रहा है। न सिर्फ इन सभी समुद्रतटों का विकास किया जाएगा बल्कि इन्हें अधिक से अधिक संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए भी सजाया जाएगा। बताया जाता है कि इन समुद्रतटों पर जो एंट्री फीस से कमाई होगी, उससे समुद्रतटों के आसपास सड़क का विकास किया जाएगा। इसके अलावा यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए नए विकास कार्य किये जाएंगे।
मिली जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार इन समुद्रतटों पर निजी कंपनियों के साथ मिलकर रिसॉर्ट और मनोरंजक संरचनाओं का निर्माण करने की भी योजना बना रही है, ताकि इस क्षेत्र में पर्यटन को सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी विकसित किया जा सकें। बता दें, आंध्र प्रदेश का सूर्यलंका और रुशिकोंडा समुद्रतट पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
यहां सप्ताह के दिनों में करीब 3000 पर्यटक और सप्ताहांत या छुट्टी के दिनों में आने वाले पर्यटकों की संख्या 10,000 को भी पार कर जाती है। उम्मीद की जा रही है कि इतनी ज्यादा संख्या में पर्यटकों के आने की वजह से लागू किया जाने वाला एंट्री शुल्क राज्य के पर्यटन विभाग के लिए फायदेमंद फैसला साबित हो सकती है।



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