जनवरी-फरवरी के महीनों में अगर आप असम घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो दीफू जाना मत भूलियेगा। अगर आपने इस जगह की सैर नहीं की, तो समझिये प्रकृति की एक अमूल्य धरोहर आपने मिस कर देंगे। यहां की खूबसूरती से कहीं ज्यादा यहां का वातावरण है, जो आपके मन को शंति देगा।
मन को शांति देने वाला असम राज्य का छोटा सा शहर दीफू कार्बी आंगलोंग जिले का मुख्यालय है। जो कि अपने शांत और शांतिपूर्ण पिकनिक स्थानों के लिए जाना जाता है,असम में एक नाबायह जोलिंग हिल स्टेशन है। दीफू के आसपास महत्वपूर्ण और पर्यटकों को अपनी ओर लुभाने वाले पर्यटक स्थल खण्डुलि, उमवांग,कोहरा,और अमरेंग शामिल है। यहाँ की काजीरंगा वन्यजीव सभी पर्यटकों को खूब भाता है जो कोहरा के छेत्र में स्थित है। उमवांग के लिए आने वाले यात्री ट्रैकिंग,गोल्फ,घुड़सवारी आदि का आनंद उठा सकते हैं। सिंघासन जो एक प्रसिध ट्रैकिंग साइट है, यह दीफू शहर के पास ही स्थित है।
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Image Courtesy:Sardar Hironjyoti Beshra
दीफू प्राकृतिक आकर्षण के कारण पर्यटकों को खूब भाता है यहाँ अकसर छुट्टियों का आनंद लेने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। चारों ओर हरियाली से घिरा ये शहर मन को शांति देता है साथ ही बच्चे खेलने से लेकर इनमे प्रकृति से प्रेम का भी एक नया अनुभव पा सकते हैं। प्रकृति से ढाका शहर दिफू के पांच प्रमुख स्थानों का पर्यटक आनंद उठा सकते हैं- बोटैनिकल गार्डन, जिला संग्रालय (इस नाम से भी जानते हैं- कैतुकालय,अजायब घर), अर्बोरेटम (वनस्पति वाटी), तरलंगसो सांस्कृतिक केंद्र, उमवांग।
बोटैनिकल गार्डन- बोटैनिकल गार्डन दीफू से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये वनस्पति उद्यान पौधों और पेड़ों की एक विशाल श्रंखला है जो अनेक औषधि पौधों,जड़ी बूटियों, और बड़ी संख्या में फूलों से भरा हुआ है। जिन लोगों को प्रकृति और हरियाली से प्रेम है वो यहाँ अवश्य जाएँ।
जिला संग्रालय (इस नाम से भी जानते हैं- कैतुकालय,अजायब घर)- संग्रालय दीफू शहर की संस्कृति को दर्शाता है। यहाँ दीफू के प्राचीन पुरातन को देखा जा सकता है। यहाँ प्राचीन गहने,संगीत वाद्ययन्त्र,शिकार उपकरण और मच्छली पकड़ने के उपकरण शामिल हैं। दिफू की संस्कृति को दर्शाती हथकरघा जो कपड़ा बिनने के काम आता है यहाँ उपलब्द है।
अर्बोरेटम (वनस्पति वाटी)- 13 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र में फैले अर्बोरेटम योजना परिदृश्य की एक शानदार सफलता है। इस क्षेत्र में हरे-भरे वन-वनस्पति की एक विस्तृत श्रंखला है जो पर्यटकों को स्वर्ग से कम नहीं लगती। अर्बोरेटम के सुन्दर पिकनिक स्थलों में से एक है "एरिक हंट" ।
तरलंगसो सांस्कृतिक केंद्र- कार्बी संस्कृति खुले समाज की एक सभागार और रंगभूमि है। यहाँ आकर आप सुन्दर परिदृश्य विभिन जनजाति,समुदाय,आदिवासी आदि के नृत्यों का आनंद ले सकते हैं। यहाँ अखाड़ा कलात्मक दृश्य और प्राकृतिक परिदृश्य भी देखने को मिलते हैं। यहाँ वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव मनाया जाता है जो पर्यटक इस दौरान यहाँ पहुँचते हैं वो मुफ्त में इस उत्सव का भरपूर आनंद ले सकते हैं साथ ही अन्य तरह के लोगों से यहाँ भेंट कर सकते हैं मिल सकते हैं।
उमवांग- उमवांग दीफू के पास सबसे आकर्षक पर्यटक में से एक है। 35 वर्ग किलोमीटर की शानदार दृश्यों से भरा हुआ चारागाह चारों तरफ से घिरा हुआ है जो देखने में इतना आकर्षक होता है की वहां के वातावरण को देख पर्यटक खींचे चले जाते हैं। यहाँ बारापानी नदी पर ग्लाइंडिंग,घुड़सवारी,राफ्टिंग,गोल्फ आदि का आनंद उठा सकते हैं। उमवांग सुन्दर वातावरण,प्राकृतिक गतिविधियों और हरियाली की ऊंचाइयों को अपनी आत्मा में पिरोये हुए है जो पर्यटकों को अपनी और आने को मजबूर करता है।
दीफू के आस पास कई ओर प्रसिद्ध पर्यटक स्थल शामिल हैं- शिवमंदिर,लोखिमों मंदिर,दुर्गा मंदिर,खण्डुलि,अमरेंग,और कोहरा आदि। दीफू के पास प्रमुख आकर्षक में से एक काजीरंगा वन्यजीव अभ्यारण्ड प्रसिद्ध है। वनस्पति की अभ्यारण्ड प्रजाति प्रकृति प्रेमियों को आकर्षिक करती है।
कैसे जाए-
हवाई यात्रा द्वारा- दीमापुर से 54 किलोमीटर की दूरी पर दिफू शहर स्थित है जो दीफू से काफी निकट है।दीमापुर हवाई अड्डे से दीफू सड़क मार्ग दुआरा पहुंचा जा सकता है।
रेल यात्रा द्वारा- दीफू गुवाहाटी से लगभग 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और रेल यात्रा करने पर 213 किलोमीटर की दूरी है। गुवाहाटी से दीफू शहर के लिए रेल गाड़ियां उपलब्ध हैं।
सड़क यात्रा द्वारा - बस यात्रा करके सड़क मार्ग द्वारा दीमापुर,गुवाहाटी,तेजपुर और होजाई शहर से दीफू जाया जा सकता है।
कब जाएँ-
अप्रैल,मई,जून के महीने में यहाँ काफी गर्मी रहती है और दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए ये महीने ठीक नहीं हैं। असम के सुन्दर शहर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जनवरी के महीने हैं पर्यटक प्रकृति का आनंद उठा सकते हैं।



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