22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने वाला है। उद्घाटन से पहले एक ओर जहां राम मंदिर के भूतल का निर्माण कार्य समाप्त करने के लिए सैंकड़ों मजदूर दिन रात एक कर काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर देश के कोने-कोने से भगवान राम के लिए भेंट भेजी जा रही है।

यहां तक कि पड़ोसी देश नेपाल के जनकपुर (पौराणिक मान्यतानुसार भगवान राम के ससुराल) से भी उनके लिए ढेर सारे उपहार अयोध्या भेजे गये हैं। इसी क्रम में राम मंदिर में लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के जलेसर में एक विशालकाय घंटा बनाया गया है। अष्टधातु से निर्मित इस घंटे का वजन सुनकर निश्चित रूप से आपका सिर चकराने लगेगा।
2100 किलो का घंटा
राम मंदिर में लगाने के लिए जलेसर में अष्टधातु से एक विशालाकार घंटा तैयार किया गया है। राम मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहली नजर इसी घंटे पर पड़ेगी। 2100 किलो वजनी इस विशाल घंटे को तैयार करने में करीब 25 लाख रूपए की लागत आयी है। इस घंटे को बजाने पर इससे निकलने वाली अद्भुत आवाज कई किमी दूर तक सुनाई देगी और इससे निकलने वाली ध्वनी तरंगें पूरे अयोध्या नगरी में सकरात्मक ऊर्जा उत्पन्न करेगी।

घंटा को तैयार करने में लगभग 40 महीनों की कड़ी मेहनत लगी है। 6 फीट की ऊंचाई और 5 फीट की चौड़ाई वाला यह घंटा दूर से दिखने में ही बड़ा ही अद्भुत नजर आ रहा है। बता दें, जलेसर 'घंटा नगरी' के नाम से प्रसिद्ध है, जहां देशभर के विभिन्न मंदिरों के लिए घंटा तैयार किये जाते हैं। जलेसर में पिछले करीब 200 सालों से पीतल से घुंघरु और घंटा बनाए जाते हैं जो विश्व भर में विख्यात हैं। जलेसर से यह घंटा अयोध्या के लिए निकल चुका है।
वडोदरा में बनी 108 फीट की अगरबत्ती
गुजरात के वडोदरा के एक रामभक्त विहाभाई बरवाड़ ने 108 फीट लंबी अगरबत्ती बनाकर अयोध्या भेजी है। यह अगरबत्ती राम मंदिर के उद्घाटन के दिन यानी 22 जनवरी को जलायी जाएगी। दावा किया जा रहा अगले डेढ़ महीने तक इस अगरबत्ती की खुशबू से पूरा अयोध्या सुगंधित रहेगा। इसका वजन 3675 किलो है।

बताया जाता है कि इसे 374 किलो गुग्गल, 374 किलो गोला, 280 किलो जौ, 191 किलो गाय का घी, 108 किलो परफ्यूम, 475 किलो हवन सामग्री, 572 किलो गुलाब के फूल, 1475 किलो गाय का गोबर मिलाकर बनाया गया है। इसे तैयार करने में 5.5 लाख रूपए की लागत और 6 महीने का समय लगा है। यह अगरबत्ती भी अयोध्या के लिए निकल चुकी है।
9 देशों का समय बताती घड़ी
लखनऊ के रहने वाले अनिल साहू ने राम मंदिर को एक ऐसी घड़ी भेंट की है जो एक साथ 9 देशों का समय बताती है। घड़ी में अलग-अलग सुईयां नहीं है बल्कि एक ही सुई है जो 9 अलग-अलग देशों का समय एक ही समय पर बताता है। अनिल साहू फुटपाथ पर लहसुन बेचने का काम करते हैं।

इस घड़ी का डिजाइन अनिल साहू ने खुद ही बनाया है। उन्हें इस घड़ी को बनाने के बारे में आइडिया तब आया जब उनके मकान मालिक, जो ओमान में रहते हैं, का उन्हें कॉल आया। दोनों देशों के बीच समय के फर्क को देखकर ही उन्होंने ऐसी घड़ी बनाने की सोची जो एक ही समय पर अलग-अलग देशों का समय दर्शाता है।



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