किसी भी मंदिर में भगवान के दर्शन के साथ-साथ वहां मिलने वाले प्रसाद के प्रति श्रद्धालुओं में काफी ज्यादा आकर्षण होता है। भगवान का दर्शन करने के बाद जब तक उनका प्रसाद नहीं मिल जाता है, तब वह दर्शन अधुरा सा ही लगता है। क्या आप जानते हैं अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन रामलला के दर्शन करने आने वाले भक्तों में प्रसाद के रूप में क्या बांटा जाएगा?

राम मंदिर में पहले दिन प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा 'राम हलवा'। इसे तैयार करने विशेष रूप से अयोध्या जाएंगे विष्णु। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रीराम को भगवान विष्णु का 7वां अवतार माना जाता है। राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन भक्तों के लिए प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी भी विष्णु ने ही उठायी है।
मगर जरा रूकिए...हम यहां भगवान विष्णु की नहीं बल्कि नागपुर के प्रसिद्ध शेफ विष्णु मनोहर की बात कर रहे हैं। विष्णु मनोहर को पहले दिन यानी 22 जनवरी को जब राम मंदिर के उद्घाटन होगा, उस दिन वहां पहुंचने वाले भक्तों के लिए प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। विष्णु मनोहर ने उस दिन भक्तों में प्रसाद के तौर पर बांटने के लिए एक खास प्रकार का हलवा तैयार करने का फैसला लिया है, जिसे उन्होंने 'राम हलवा' का नाम दिया है।

राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण पाकर विष्णु मनोहर बेहद खुश हैं। वह खुद को हमेशा से ही एक कारसेवक के तौर पर संबोधित करते आये हैं। अयोध्या के उद्घाटन समारोह में भक्तों के लिए प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी पाकर विष्णु का कहना है कि मैं अयोध्या में विदर्भ के रामभक्तों का प्रतिनिधित्व करने वाला हूं। मुझे खुशी हो रही है कि पहले दिन राम मंदिर में भक्तों के बीच जो प्रसाद वितरित होगा, उसमें नागपुर की खुशबू भी रहेगी। यह प्रसाद प्रथम दिन राम मंदिर में आने वाले करीब डेढ़ लाख भक्तों में वितरित किया जाएगा।
क्या है राम हलवा?
'राम हलवा' सूजी से बना हलवा है, जिसकी रेसिपी शेफ विष्णु मनोहर ने तैयार की है। 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के दिन भक्तों के लिए वह 7 हजार किलो का प्रसाद तैयार करेंगे। इसे पकाने के लिए विष्णु ने खुद ही खास तौर पर एक विशाल कढ़ाई तैयार करवायी है जिसका वजन लगभग 1400 किलो है।

दावा किया जा रहा है कि इस विशाल कढ़ाई में 7000 किलो या फिर 12 हजार लीटर भोजन बड़ी ही सरलता से पकाया जा सकेगा। राम मंदिर के उद्घाटन से 2 दिन पहले यानी 20 जनवरी को ही विष्णु मनोहर और उनकी टीम अयोध्या पहुंच जाएगी। हालांकि वह इससे पहले भी एक बार अयोध्या के राम मंदिर में जा चुके हैं। वहां उन्होंने रसोईघर व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
राम हलवा की कितनी होगी सामग्री?
- सूजी - 900 किलो
- घी - 1000 किलो
- चीनी - 1000 किलो
- दूध - करीब 2000 लीटर
- सुखे मेवे - 100 किलो से ज्यादा
वीआईपी मेहमानों को दिया जाएगा खास तोहफा
22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में वीआईपी मेहमान अयोध्या पहुंचने वाले हैं। सभी मेहमानों के स्वागत की तैयारियां भी की जा चुकी हैं। मिली जानकारी के अनुसार 22 जनवरी को सनातन सेवा न्यास की तरफ से राम जन्मभूमि से जुड़ा स्मृति चिन्ह 11,000 वीआईपी मेहमानों को प्रदान किया जाएगा। बताया जाता है कि मेहमानों को दो बॉक्स दिये जाएंगे। इनमें से एक बॉक्स में बेसन के लड्डू होंगे, जिसे गिर गाय के घी से तैयार किया जाएगा।

इसके साथ ही रामानंदी प्रथा के तहत लगायी जाने वाली भभूत भी होगी। वहीं दूसरे बॉक्स में भगवान श्रीराम से जुड़ा सामान होगा। इन सामानों में वह मिट्टी भी होगी, जिसे शिलान्यास के समय राम मंदिर के गर्भगृह से निकाली गयी थी। इसके साथ ही एक छोटी सी डिब्बी में सरयू का पानी, ब्रास की एक थाली और राम मंदिर से जुड़ी स्मृति चिन्ह के तौर पर चांदी का एक सिक्का दिया जाएगा। इन दोनों बॉक्स को एक जुट के बैग में दिया जाएगा, जिस पर राम मंदिर का इतिहास और संघर्ष की पूरी कहानी को दर्शाया जाएगा।

बता दें, राम मंदिर के भूतल का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मंदिर में सोने की परत चढ़े दरवाजों को लगाने का काम शुरू हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार सोने की परत चढ़ी 11 दरवाजों को मंदिर में लगाया जा चुका है और 13 और दरवाजों को लगाना अभी बाकी है।



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