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अयोध्या : तथ्य जो बाबरी मस्जिद से ज्यादा राम मंदिर को बनाते हैं खास

इस समय देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा विवादित राम जन्मभूमि अयोध्या है। जो 1992 में गिराई गई बाबरी मस्जिद से जुड़ा है। ऐसे में एक ट्रैवलर होने के नाते आपका यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर यह पूरा मसला क्या है? क्योंकि एक ट्रैवलर को संबंधित स्थान के हर पक्ष की जानकारी होनी चाहिए। स्थान का पूर्ण ज्ञान आपकी यात्रा को और सुखद बनाने का काम करता है।

इस लेख के माध्यम से आज हम अयोध्या की खास बातें और उन सब विषयों पर नजर डालेंगे जो राम जन्मभूमि को बाबरी मस्जिद विवाद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण बनाते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से... 

हिन्दू आस्था का बड़ा केंद्र

हिन्दू आस्था का बड़ा केंद्र

PC - Ramnath Bhat

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि अयोध्या प्राचीन काल से ही भारतीय हिन्दुओं का एक बड़ा आस्था का केंद्र रहा है। जिसे पहले कौशल देश कहा जाता था। वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश के फैजाबाद शहर के करीब स्थित है। वेदों के अनुसार अयोध्या भगवान की नगरी है। जिसे इस संस्कृत वाक्य से समझा जा सकता है " अष्टचक्रा नवद्वारा देवानां पूरयोध्या " ।

इस पवित्र नगरी की तुलना स्वर्ग से की गई है। धर्म ग्रंथ रामायण की मानें तो इस नगर की स्थापना संसार के प्रथम पुरूष मनु द्वारा की गई है। पौराणिक काल से लेकर आधुनिक काल तक के सफर में अयोध्या को लेकर लोगों की आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

स्थल का पौराणिक मह्त्व

स्थल का पौराणिक मह्त्व

PC- आशीष भटनागर

इस नगर का अपना पौराणिक मह्त्व है, जो इसे बाकी स्थानों की तुलना में काफी खास बनाने का काम करता है। यह नगरी भारत के सबसे प्रतापी सूर्यवंशियों का राजधानी रहा है। माना जाता है यहीं श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए यह भूमि राम जन्मभूमि के नाम से भी जानी जाती है।

कहा जाता है यहां कभी 20 बौद्ध मंदिर भी थे जहां 300 बौद्ध भिक्षु रहा करते थे। यहां बनाए गए कई प्राचीन मंदिर खंडहर में तब्दील हो गए जबकि कुछ खास मंदिर आज भी यहां स्थित हैं। जिनमें सीतारसोई, हनुमानगढ़ी मुख्य हैं। कुछ मंदिरो को निर्माण 18वीं-19वीं शताब्दी के मध्य किया गया था, जिनमें कनकभवन, नागेश्वरनाथ तथा दर्शनसिंह मंदिर देखने लायक हैं। इंसानों को गायब करने वाली तिलस्मी गुफा, नहीं सुलझा रहस्य

हनुमान गढ़ी मंदिर

हनुमान गढ़ी मंदिर

PC- Vishwaroop2006

अयोध्या का प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर नगर के ठीक केंद्र में स्थित है, जहां आप 76 कदमों की चाल से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर श्रीराम के परम भक्त हुनमान को समर्पित है। यहां उन्हें वर्तमान अयोध्या के राजा की तरह पूजा जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान हनुमान यहां गुफा में रहते थे। और नगर की रक्षा करते थे। आप यहां मुख्य मंदिर में बाल हनुमान के साथ माता अंजनि की प्रतिमा देख सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां भक्तों की हर मुराद पूरी होती है।

रामकोट

रामकोट

PC- Ramnath Bhat

रामकोट को शहर का सबसे प्रमुख स्थान माना जाता है। जहां साल के हर महीने पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। आप यहां विदेशी सैलानियों को भी देख सकते हैं। यह स्थान अपने रामनवमी पर्व के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।

रामनवमी भगवान राम के जन्मदिवस के रूप में मनायी जाती है। रामनवमी हिन्दू कैंलनडर के चैत्र मास में मनाई जाती है जो मार्च-अप्रैल के दौरान पड़ता है। इस पावन पर्व में शरीक होने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु यहां तक का सफर तय करते हैं।

नागेश्वरनाथ मंदिर

नागेश्वरनाथ मंदिर

PC- Ayush Raj Jaiswal

अयोध्या स्थित नागेश्वरनाथ मंदिर का भी अपना पौराणिक महत्व है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण भगवान राम के पुत्र कुश ने करवाया था। धार्मिक किवंदती के अनुसार एक बार कुश सरयू नदी में स्नान के लिए गए थे, स्नान करते वक्त उनका बाजूबंद नदी में गिर गया था। जो किसी नागकन्या के पास चला गया।

बताया जाता है कि उस शिव भक्तिन नागकन्या को कुश से प्रेम हो गया था। बाद में कुछ कुश ने उस नागकन्या के लिए इस मंदिर का निर्माण करवाया था। जिसका नाम नागेश्वरनाथ मंदिर पड़ा। शिवरात्रि के दौरान इस मंदिर में भव्य आयोजन किया जाता है।

चकरावती महाराज दशरथ महल

चकरावती महाराज दशरथ महल

PC- Swaminathan

रामकोट स्थित चकरावती महाराज दशरथ महल को बड़ा स्थान/बड़ी जगह के नाम से जाना जाता है। जो यहां आने वाले सैलानियों के लिए सुबह 8 से लेकर दोपहर 12 बजे और शाम 4 से लेकर रात के 10 बजे तक खोला जाता है। राम विवाह, दिपावली, श्रावण मेला, चैत्र रामनवमी और कार्तिक मेला यहां के सबसे मुख्य त्योहार हैं। जिसका हिस्सा बनने के लिए दूर-दूर से लोग यहां तक का सफर तय करते हैं।

ऐसा माना जाता है कि चकरावती महाराज दशरथ महल में राजा दशरथ अपने रिस्तेदारों के साथ रहते थे। हालांकि अब यह जगह एक पवित्र मंदिर के रूप में पूजी जाती हैं, जहां के मुख्य देवता राम-सीता, लक्ष्मण और शत्रुघ्न हैं।हैदराबाद शहर के कुछ रहस्यमय किस्से, जुड़े हैं इन स्थानों से

क्या है बाबरी मस्जिद का विवाद ?

क्या है बाबरी मस्जिद का विवाद ?

PC- oneindia

बाबरी मस्जिद का विवाद भारत का सबसे विवादित सांप्रदायिक मसला है। जो 6 दिसंबर 1992 के दिन रामकोट पर स्थित एक मस्जिद के गिराए जाने से जुड़ा है। कहा जाता है कि एक बड़ी रैली का आयोजन कर इस मस्जिद को ध्वस्त किया गया था । यहां के हिंदू संप्रदाय के लोगों का कहना है कि इस स्थान पर पहले राम मंदिर था जिसे हटाकर मस्जिद बनवा दी गई।

जबकि मुस्लिम संप्रदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले मौलवियों और नेताओं का कहना है कि यहां कुछ ऐसा था ही नहीं । वर्तमान में यह मुद्दा भारत की सर्वोच्च अदालत के अधीन है।उपरोक्त तथ्य बाबरी मस्जिद विवाद से ज्यादा राम जन्मभूमि की बहु विशेषताओं का वर्णन करते हैं, जो अयोध्या को ज्यादा खास बनाने हैं।अद्भुत : यहां अपने हाथ से खाना बनाकर खिलाते हैं खूंखार अपराधी



कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

PC- PP Yoonus


अयोध्या आने के लिए आपको ज्यादा मशक्क्त करने की जरूरत नहीं। यहां आप तीनों मार्गों से आ सकती हैं। रेल मार्ग के लिए आप अयोध्या, लखनऊ और मुगलसराय स्टेशन का सहारा ले सकते हैं। हवाई मार्ग के लिए आप लखनऊ एयरपोर्ट का सहारा ले सकते हैं।

आप चाहें तो यहां सड़क मार्गों के द्वारा भी पहुंच सकते हैं। बेहतर सड़क मार्गों के द्वारा अयोध्या राज्य के बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

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